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न्यूयॉर्क में तिब्बती झंडा प्रदर्शन: युवक ने खुद को आग लगाई

न्यूयॉर्क के मैनहट्टन में एक युवक ने तिब्बती झंडा लेकर विरोध प्रदर्शन करते हुए खुद को आग लगा लिया। यह घटना तिब्बती स्वतंत्रता आंदोलन से जुड़ी है, जिसमें 2009 से अब तक 150 से अधिक तिब्बतियों ने आत्मदाह किया है। जानें इस घटना के पीछे की वजह और तिब्बती मुद्दे पर क्या हो रहा है।
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फ्री तिब्बत आंदोलन से जुड़ा मामला


न्यूयॉर्क सिटी: न्यूयॉर्क के मैनहट्टन में संयुक्त राष्ट्र मुख्यालय के बाहर एक व्यक्ति ने तिब्बती झंडा लेकर विरोध प्रदर्शन करते हुए खुद को आग लगा ली। गंभीर रूप से जलने के बाद उसे अस्पताल ले जाया गया, जहां उसकी मृत्यु हो गई। प्रत्यक्षदर्शियों और वीडियो फुटेज के अनुसार, वह व्यक्ति बौद्ध भिक्षु के रूप में था।


घटना से पहले, उसने संयुक्त राष्ट्र परिसर के पास फुटपाथ पर तिब्बती झंडा रखा और फिर अपने ऊपर ज्वलनशील पदार्थ डालकर आग लगा ली। पुलिस को घटनास्थल पर कुछ पर्चे मिले, जिन पर 'चीन को तिब्बत से निकालो' लिखा था। प्रदर्शनकारी की पहचान उसके एक मित्र ने लोबगा रंगजेन के रूप में की है, जो लगभग 20 वर्षों से अमेरिका में रह रहा था।


पुलिस की जांच और प्रतिक्रिया

पुलिस ने घटनास्थल से मिले पर्चों को ध्यान में रखते हुए इसे तिब्बत मुद्दे से संबंधित विरोध माना है। हालांकि, अधिकारियों ने आत्मदाह के पीछे की अंतिम वजह की पुष्टि नहीं की है। संयुक्त राष्ट्र के प्रवक्ता ने बताया कि घटना के समय सभी आधिकारिक बैठकें समाप्त हो चुकी थीं, इसलिए यूएन के नियमित कार्यों पर इसका कोई प्रभाव नहीं पड़ा।


तिब्बती स्वतंत्रता आंदोलन का इतिहास

यह घटना तिब्बती स्वतंत्रता आंदोलन से जुड़ी है, जिसे फ्री तिब्बत अभियान के नाम से भी जाना जाता है। फ्री तिब्बत के अनुसार, 2009 से अब तक 150 से अधिक तिब्बतियों ने चीनी शासन के खिलाफ आत्मदाह किया है। यह आंदोलन तिब्बतियों के आत्म-निर्णय के अधिकार की बहाली और तिब्बती बौद्ध धर्म के आध्यात्मिक नेता दलाई लामा की तिब्बत वापसी की मांग करता है।