पंचकूला स्कूल में 6 साल की बच्ची पर हमले के आरोपी बच्चे की मानसिक स्थिति पर चौंकाने वाला खुलासा
पंचकूला में हमले की घटना
पंचकूला: हरियाणा के पंचकूला जिले के एक सरकारी स्कूल में 6 वर्षीय बच्ची पर जानलेवा हमले के आरोपी 8 साल के बच्चे की मानसिक स्वास्थ्य जांच में उसकी स्थिति सामान्य नहीं पाई गई है। चिकित्सकों के अनुसार, उसे विशेष देखभाल और उपचार की आवश्यकता है। चंडीगढ़ के जीएमएसएच सेक्टर-32 में बच्चे का मानसिक परीक्षण किया गया था, और अस्पताल ने इसकी रिपोर्ट पंचकूला पुलिस को सौंप दी है।
जुवेनाइल जस्टिस बोर्ड में पेशी
पुलिस अब इस रिपोर्ट को जुवेनाइल जस्टिस (जेजे) बोर्ड के समक्ष प्रस्तुत करेगी। आरोपी बच्चे को भी बोर्ड के सामने लाया जाएगा। रिपोर्ट और अन्य तथ्यों के आधार पर बोर्ड यह निर्णय करेगा कि बच्चे को उसके माता-पिता के पास भेजना सुरक्षित है या उसे जुवेनाइल होम में रखा जाए। तीन चिकित्सकों के पैनल ने बच्चे की सोचने-समझने की क्षमता, तर्कशक्ति, व्यवहार और मानसिक स्थिति का मूल्यांकन किया है।
हमले की घटना का विवरण
28 अक्टूबर 2026 को पंचकूला के सेक्टर-20 स्थित सरकारी स्कूल में 8 साल के छात्र ने केजी में पढ़ने वाली 6 वर्षीय छात्रा पर हमला किया। आरोपी ने बच्ची को धक्का देकर जमीन पर गिरा दिया और उसके सिर को बेंच पर मारा। इसके बाद उसने ईंटों और गमलों से भी हमला किया। बच्ची बेहोश हो गई, लेकिन आरोपी ने उसे पीटना जारी रखा। गंभीर स्थिति में बच्ची को पहले पंचकूला के अस्पताल और फिर पीजीआई चंडीगढ़ में भर्ती कराया गया था। घटना के दो दिन बाद 30 अक्टूबर को हमले का वीडियो वायरल हुआ था।
पुलिस कार्रवाई और बच्ची की स्थिति
पंचकूला पुलिस ने 31 अक्टूबर को स्कूल की प्रिंसिपल, दो महिला शिक्षिकाओं और चौकीदार के खिलाफ मामला दर्ज किया। शिक्षा विभाग ने प्रिंसिपल और शिक्षिकाओं को निलंबित कर दिया। हरियाणा बाल संरक्षण आयोग ने भी मामले की जांच रिपोर्ट मांगी थी। आरोपी बच्चे को अंबाला के जुवेनाइल होम भेजा गया।
दूसरी ओर, हमले में गंभीर रूप से घायल बच्ची की स्थिति में सुधार हो रहा है। वह अब खतरे से बाहर है और पहले की तरह हंसती-खेलती नजर आ रही है। बच्ची खाना भी खा रही है और घर लौटने की इच्छा व्यक्त कर रही है, हालांकि डॉक्टर अभी भी उसे अपनी निगरानी में रखे हुए हैं।
