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पंजाब और हरियाणा हाई कोर्ट ने मुख्य सचिव को अवमानना नोटिस जारी किया

पंजाब और हरियाणा हाई कोर्ट ने मुख्य सचिव के.ए.पी. सिन्हा को महंगाई भत्ते से जुड़े मामले में अवमानना नोटिस जारी किया है। कोर्ट ने उनके द्वारा पेश किए गए तथ्यों को गलत ठहराते हुए उन्हें व्यक्तिगत रूप से उपस्थित रहने का निर्देश दिया है। पिछली सुनवाई में भी कोर्ट ने सख्त रुख अपनाया था, और पंजाब सरकार को सुप्रीम कोर्ट में पैरवी के लिए तीन मौके दिए थे। जानें इस मामले में और क्या हुआ है और कोर्ट ने क्या निर्देश दिए हैं।
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पंजाब और हरियाणा हाई कोर्ट की सख्त कार्रवाई


पंजाब और हरियाणा हाई कोर्ट : पंजाब और हरियाणा हाई कोर्ट ने पेंशनभोगियों और कर्मचारियों के महंगाई भत्ते से संबंधित मामले में टालमटोल और गलत जानकारी पेश करने को गंभीरता से लिया है। अदालत ने पंजाब के मुख्य सचिव के.ए.पी. सिन्हा को अवमानना का नोटिस जारी किया है। पिछली सुनवाई में भी हाई कोर्ट ने मुख्य सचिव के खिलाफ कड़ा रुख अपनाया था और सुप्रीम कोर्ट में दायर विशेष अनुमति याचिका में पेश की गई खामियों पर सख्त संज्ञान लिया था।


हाई कोर्ट ने मुख्य सचिव द्वारा प्रस्तुत हलफनामे में दिए गए तथ्यों को गलत ठहराया है। बेंच ने नोटिस जारी करते हुए पूछा है कि अदालत को “जानबूझकर गुमराह” करने के मामले में उनके खिलाफ आपराधिक अवमानना की कार्यवाही क्यों न शुरू की जाए। उन्हें शुक्रवार की अगली सुनवाई में व्यक्तिगत रूप से उपस्थित रहने का निर्देश भी दिया गया है। यह जानकारी सुप्रीम कोर्ट की रजिस्ट्री से मिली एक रिपोर्ट के आधार पर सामने आई है। मुख्य न्यायाधीश अश्विनी कुमार मिश्रा और न्यायमूर्ति रोहित कपूर की बेंच ने टिप्पणी की कि सुप्रीम कोर्ट की रजिस्ट्री की रिपोर्ट से स्पष्ट है कि पिछली सुनवाई में अदालत में झूठा बयान दिया गया था।


पंजाब सरकार को तीन मौके दिए गए


मुख्य न्यायाधीश अश्विनी कुमार मिश्रा और न्यायमूर्ति रोहित कपूर की डिवीजन बेंच ने पिछली सुनवाई में हाई कोर्ट की रजिस्ट्री को निर्देश दिया था कि वह सुप्रीम कोर्ट की रजिस्ट्री से पंजाब सरकार की अपील की मौजूदा स्थिति के बारे में रिपोर्ट प्राप्त करे। मुख्य सचिव को फिर से व्यक्तिगत रूप से अदालत में उपस्थित रहने के आदेश दिए गए थे। हाई कोर्ट ने पिछली सुनवाई में कहा था कि पंजाब सरकार अदालत से लुकाछिपी क्यों खेल रही है। यदि पहली सितंबर को पंजाब ने सुप्रीम कोर्ट में अपील दायर कर दी थी, तो अब तक इस मामले पर सुनवाई हो जानी चाहिए थी। अदालत पहले ही पंजाब सरकार को सुप्रीम कोर्ट में पैरवी के लिए तीन मौके दे चुकी है, जिसके कारण सुनवाई बार-बार स्थगित करनी पड़ी। अदालत ने कहा कि ऐसा लगता है कि कानूनी पैरवी के बहाने सरकार समय बर्बाद करने की कोशिश कर रही है।


महंगाई भत्ते का भुगतान 15 दिनों में करने के निर्देश


ज्ञात रहे कि मुख्य सचिव ने हलफनामा दायर कर खामियों को दूर करके अपील फिर से दायर करने का दावा किया था। अदालत ने पिछली सुनवाई में ही कह दिया था कि यदि सरकार के दावे गलत निकले तो इसके परिणाम भुगतने पड़ेंगे। पीछे देखें तो हाई कोर्ट ने पंजाब सरकार को कर्मचारियों और पेंशनभोगियों के महंगाई भत्ते का भुगतान 15 दिनों में करने के निर्देश दिए थे। पंजाब सरकार ने हाई कोर्ट के फैसले को पहली सितंबर को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी थी।