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पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान की नीति आयोग में विशेष राज्य का दर्जा और सीमा पैकेज की मांग

पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने नीति आयोग की बैठक में राज्य के लिए विशेष श्रेणी का दर्जा और सीमा पैकेज की मांग की है। उन्होंने पंजाब की सुरक्षा, विकास और स्वास्थ्य कवरेज के मुद्दों पर जोर दिया। मान ने कहा कि पंजाब को केंद्र से अधिक समर्थन की आवश्यकता है, खासकर सीमावर्ती क्षेत्रों के लिए। उन्होंने नशे के खिलाफ लड़ाई और शिक्षा के क्षेत्र में राज्य की प्रगति पर भी प्रकाश डाला। जानें उनके विचार और राज्य की चुनौतियाँ।
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पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान की नीति आयोग में विशेष राज्य का दर्जा और सीमा पैकेज की मांग

पंजाब की सुरक्षा और विकास के लिए केंद्र से समर्थन की आवश्यकता

नई दिल्ली: पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने स्पष्ट किया है कि राज्य देश की सीमाओं की रक्षा करता है, लेकिन केंद्र से मिलने वाला समर्थन अपर्याप्त है। उन्होंने कहा कि पंजाब को विशेष श्रेणी का दर्जा और एक समर्पित सीमा पैकेज मिलना चाहिए। मुख्यमंत्री ने बताया कि अंतरराष्ट्रीय सीमा के पास 2,000 से अधिक गांव हैं, लेकिन वाइब्रेंट विलेज-II योजना के तहत केवल 107 गांवों को ही शामिल किया गया है। पंजाब आतंकवाद, ड्रोन तस्करी, बाढ़ और सीमा तनाव जैसी समस्याओं का सामना कर रहा है, और केंद्र को राज्य को विकास में उचित हिस्सा देना चाहिए। उन्होंने कहा कि सुरक्षित और समृद्ध पंजाब विकसित भारत 2047 के लिए आवश्यक है।


नीति आयोग में पंजाब की चिंताओं को उठाते हुए

सीएम भगवंत सिंह मान ने नीति आयोग की गवर्निंग काउंसिल में पंजाब की लंबित चिंताओं को उठाया और सीमावर्ती क्षेत्रों के लिए विशेष पैकेज की मांग की। उन्होंने कहा कि पंजाब को पहाड़ी राज्यों और जम्मू-कश्मीर की तर्ज पर सभी केंद्र प्रायोजित योजनाओं के तहत 90:10 वित्तपोषण का लाभ मिलना चाहिए। बैठक में, उन्होंने पंजाब की सुरक्षा, आर्थिक और सामाजिक चुनौतियों पर जोर दिया और कहा कि राज्य की आकांक्षाएं विकसित भारत 2047 के लक्ष्य के अनुरूप हैं।


पंजाब की विशेष स्थिति और केंद्र से समर्थन की मांग

सीएम मान ने कहा, "पंजाब एक फ्रंटलाइन राज्य है जो पाकिस्तान के साथ 553 किलोमीटर की सीमा साझा करता है। राज्य को सीमा पार आतंकवाद और ड्रोन-आधारित तस्करी जैसी समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है। इसके परिणामस्वरूप युवाओं में नशाखोरी की समस्या बढ़ रही है।" उन्होंने प्राकृतिक आपदाओं के प्रभावों पर भी चर्चा की, जैसे कि 2025 की बाढ़, जिसने 2,300 से अधिक गांवों को प्रभावित किया।


केंद्र से पंजाब की मांगों को स्वीकार करने की अपील

सीएम मान ने केंद्र सरकार से अपील की कि पंजाब की वास्तविक और लंबे समय से लंबित मांगों को स्वीकार किया जाए। उन्होंने कहा, "हमने कई बार केंद्र से अंतरराष्ट्रीय सीमा को सुरक्षित करने के लिए उपाय करने का आग्रह किया है, लेकिन प्रतिक्रिया बहुत कम रही है।" उन्होंने गवर्निंग काउंसिल की बैठक में उठाई गई मांगों को गंभीरता से लेने की आवश्यकता पर जोर दिया।


पंजाब का विकास और स्वास्थ्य कवरेज

सीएम मान ने कहा कि पंजाब ने मुख्यमंत्री सेहत योजना के माध्यम से हर परिवार को स्वास्थ्य कवरेज प्रदान करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाया है। इस योजना के तहत, प्रत्येक परिवार को प्रति वर्ष ₹10 लाख तक का कैशलेस स्वास्थ्य कवर मिलता है। उन्होंने कहा कि यह योजना लगभग 900 सरकारी और निजी अस्पतालों के नेटवर्क के माध्यम से कार्यान्वित की जा रही है।


नशे के खिलाफ पंजाब की लड़ाई

सीएम मान ने कहा कि पंजाब सरकार ने नशीली दवाओं के दुरुपयोग से निपटने के लिए 'युद्ध नशे के विरुद्ध' अभियान शुरू किया है। इस अभियान के तहत, राज्य भर में कई नशा मुक्ति केंद्र और क्लीनिक स्थापित किए गए हैं। उन्होंने कहा कि यह पहल छात्रों को नशे के खिलाफ जागरूक करने के लिए भी काम कर रही है।


पंजाब का शिक्षा और कौशल विकास

सीएम मान ने कहा कि पंजाब ने शिक्षा के क्षेत्र में महत्वपूर्ण प्रगति की है और राज्य की शिक्षा प्रणाली को भारत के सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करने वाले स्कूलों में से एक के रूप में मान्यता मिली है। उन्होंने हुनर शिक्षा स्कूलों की स्थापना की भी जानकारी दी, जो छात्रों को व्यावहारिक कौशल प्रदान करते हैं।


मोहाली को राष्ट्रीय ज्ञान और नवाचार केंद्र बनाने की मांग

सीएम मान ने केंद्र सरकार से मोहाली को राष्ट्रीय ज्ञान और शिक्षा केंद्र के रूप में मान्यता देने का आग्रह किया। उन्होंने कहा कि इस क्षेत्र में कई प्रमुख शैक्षणिक संस्थान और अनुसंधान केंद्र हैं, जो इसे एक महत्वपूर्ण स्थान बनाते हैं।