पंजाब के युवक की केन्या में अपहरण, सरकार की मदद से सुरक्षित रिहाई
जालंधर के युवक का अपहरण
जालंधर: रोजगार की तलाश में विदेश जाने वाले पंजाब के युवाओं की सुरक्षा को लेकर एक बार फिर गंभीर चिंताएं उठी हैं। जालंधर के फिल्लौर क्षेत्र से केन्या गए 30 वर्षीय राकेश कुमार का अपहरण एक आपराधिक गिरोह ने कर लिया। आरोपियों ने उसे बंधक बनाकर बेरहमी से पीटा और उसके परिवार से 70 हजार अमेरिकी डॉलर, जो लगभग 58 लाख रुपये के बराबर है, की फिरौती मांगी। इस मामले की जानकारी मिलने के बाद भारत सरकार और केन्याई प्रशासन ने त्वरित कार्रवाई की, जिसके परिणामस्वरूप युवक को सुरक्षित रूप से छुड़ा लिया गया।
राकेश कुमार, जो फिल्लौर के गांव भैणी का निवासी है, कुछ समय पहले रोजगार की तलाश में केन्या गया था। वहां पहुंचने के बाद, एक स्थानीय गिरोह ने उसका अपहरण कर लिया। आरोप है कि अपहरणकर्ताओं ने राकेश को बंधक बनाकर उसके साथ बुरी तरह मारपीट की। परिवार पर दबाव बनाने के लिए, आरोपियों ने मारपीट का वीडियो व्हाट्सऐप के माध्यम से उसके परिजनों को भेज दिया, जिससे परिवार में हड़कंप मच गया और उनकी चिंता बढ़ गई।

अपहरणकर्ताओं ने राकेश की सुरक्षित रिहाई के लिए 70 हजार अमेरिकी डॉलर की मांग की, जो परिवार के लिए जुटाना संभव नहीं था। इसके बाद, परिजनों ने पुलिस और सरकार से मदद की गुहार लगाई।
मामले की गंभीरता को देखते हुए, केंद्र सरकार ने कूटनीतिक प्रयास शुरू किए। भारतीय अधिकारियों ने केन्याई प्रशासन से संपर्क कर राकेश की सुरक्षित रिहाई के लिए प्रयास किए। दोनों देशों के अधिकारियों की संयुक्त कार्रवाई के बाद, राकेश कुमार को अपहरणकर्ताओं के चंगुल से सुरक्षित छुड़ा लिया गया। युवक के सुरक्षित होने की खबर से परिवार ने राहत की सांस ली।
राकेश की सुरक्षित रिहाई के बाद, उसके परिजनों ने पंजाब पुलिस और राज्य सरकार से मामले की गहन जांच की मांग की है। परिवार का आरोप है कि राकेश को विदेश भेजने वाले एजेंटों ने उन्हें सही जानकारी नहीं दी। पीड़ित परिवार ने ट्रैवल एजेंटों की भूमिका की जांच कर दोषी पाए जाने पर उनके खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की मांग की है। परिवार का कहना है कि युवाओं को विदेश भेजने के नाम पर धोखाधड़ी करने वाले एजेंटों पर नकेल कसना आवश्यक है, ताकि भविष्य में किसी अन्य परिवार को ऐसी स्थिति का सामना न करना पड़े।
