पंजाब के युवाओं का युगांडा और केन्या में अपहरण: 70,000 डॉलर की फिरौती की मांग
युगांडा और केन्या में पंजाबी युवकों का अपहरण
पंजाब के कुछ युवाओं का सपना विदेश में बेहतर भविष्य बनाने का था, लेकिन अब उनकी जिंदगी मुसीबत में है। इटली में नौकरी दिलाने का झांसा देकर उन्हें पंजाब से युगांडा और केन्या भेज दिया गया। हाल ही में तीन युवकों के अपहरण की खबर आई है। बताया जा रहा है कि इन युवकों को अगवा कर उनके परिवारों से 70,000 डॉलर (लगभग 67 लाख रुपये) की फिरौती मांगी जा रही है। परिवारों ने युवकों को वापस लाने के लिए संबंधित अधिकारियों से संपर्क किया है। इस मामले में राज्यसभा सांसद सतनाम सिंह संधू ने केंद्र सरकार और विदेश मंत्रालय से बातचीत करने की बात कही है।
4 अगस्त का अपहरण मामला
जानकारी के अनुसार, तीनों युवकों का अपहरण 4 अगस्त 2026 को हुआ था। अपहरण के बाद उनके परिवारों से संपर्क कर बड़ी रकम की मांग की गई है। परिवारों की सबसे बड़ी चिंता युवकों की सुरक्षित वापसी है। इस मामले की गंभीरता को देखते हुए इसे केंद्र सरकार के स्तर पर भी उठाया गया है। सांसद संधू ने पीड़ित परिवारों को हर संभव मदद का आश्वासन दिया है और कहा है कि वह युवकों की सुरक्षित वापसी के लिए केंद्र सरकार और विदेश मंत्रालय के संपर्क में हैं। फिलहाल युवकों की स्थिति और लोकेशन के बारे में कोई विस्तृत जानकारी नहीं मिली है।
सांसद की अपील
सांसद संधू ने पंजाब के माता-पिता से अपील की है कि वे विदेश जाने के नाम पर अवैध रास्तों और संदिग्ध ट्रैवल एजेंटों के झांसे में न आएं। उन्होंने ऐसे एजेंटों के खिलाफ सतर्क रहने और विदेश भेजने के नाम पर किए जाने वाले बड़े दावों की पूरी जांच करने की सलाह दी। पंजाब से बड़ी संख्या में युवा रोजगार और बेहतर भविष्य की तलाश में विदेश जाते हैं, लेकिन कई बार गैरकानूनी रास्तों का चयन करना उन्हें मुसीबत में डाल देता है।
पिछले अपहरण के मामले
विदेश जाने की कोशिश कर रहे पंजाब के युवकों के अपहरण से जुड़ा एक और मामला पहले भी सामने आया था। 2025 में पंजाब के तीन युवकों का ईरान में अपहरण किया गया था। उन्हें डंकी रूट के जरिए ऑस्ट्रेलिया पहुंचने की कोशिश के दौरान अगवा किया गया था, लेकिन बाद में उन्हें सुरक्षित भारत वापस लाया गया। वर्तमान में युगांडा और केन्या से जुड़े इस नए मामले में परिवारों की उम्मीदें केंद्र सरकार और विदेश मंत्रालय की कार्रवाई पर टिकी हैं।
