पंजाब ने हॉकी में अंतरराष्ट्रीय पहचान बनाई, एशियन चैंपियंस ट्रॉफी में भारत की शानदार जीत
मुख्यमंत्री भगवंत मान का हॉकी में सपना साकार
मुख्यमंत्री भगवंत मान का सपना, पंजाब को वैश्विक हॉकी मानचित्र पर स्थापित करने का, हाल ही में हीरो एशियन चैंपियंस ट्रॉफी पंजाब-2026 के सफल समापन के साथ साकार हुआ। भारतीय टीम ने रोमांचक फाइनल में जापान को 4-1 से हराकर छठी बार खिताब अपने नाम किया। इस दौरान, मोहाली और जालंधर के हॉकी स्टेडियमों ने अपनी मेज़बानी और सुविधाओं के लिए अंतरराष्ट्रीय सराहना प्राप्त की।
भारतीय टीम की अजेय यात्रा
भारतीय टीम ने पूरे टूर्नामेंट में शानदार प्रदर्शन करते हुए सभी सात मैचों में जीत हासिल की। जालंधर में लीग चरण के सभी पांच मैच और मोहाली में सेमीफाइनल व फाइनल जीतकर, भारत ने लगातार तीसरी बार (2023, 2024 और 2026) यह खिताब जीता।
फाइनल में भारत की जीत
फाइनल में जापान ने तीसरे मिनट में काजुमासा मात्सुमोतो के गोल से बढ़त बनाई। हाफ टाइम तक जापान 1-0 से आगे था, लेकिन भारतीय खिलाड़ियों ने शानदार वापसी की। शिलानंद लकड़ा ने 42वें मिनट में बराबरी की, दिलप्रीत सिंह ने 47वें मिनट में भारत को 2-1 से आगे किया, और जुगराज सिंह तथा विवेक सागर प्रसाद ने क्रमशः 52वें और 53वें मिनट में गोल कर भारत की जीत सुनिश्चित की।
हरमनप्रीत सिंह का शानदार प्रदर्शन
भारतीय कप्तान हरमनप्रीत सिंह ने टूर्नामेंट में बेहतरीन प्रदर्शन किया। उन्हें सर्वश्रेष्ठ खिलाड़ी का खिताब मिला और 10 गोल के साथ वह शीर्ष स्कोरर बने। उनका 10वां गोल उनके अंतरराष्ट्रीय करियर का 250वां गोल था।
कृष्ण बहादुर पाठक का योगदान
भारतीय गोलकीपर कृष्ण बहादुर पाठक को सर्वश्रेष्ठ गोलकीपर का खिताब मिला। उन्होंने कई महत्वपूर्ण मौकों पर शानदार बचाव कर भारत की जीत में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
मोहाली और जालंधर की मेज़बानी
ओलंपियन बलबीर सिंह सीनियर हॉकी स्टेडियम, मोहाली ने पहली बार अंतरराष्ट्रीय हॉकी टूर्नामेंट की मेज़बानी की। दर्शकों का उत्साह और विश्वस्तरीय सुविधाओं ने एशियाई टीमों और प्रशंसकों की सराहना बटोरी। जालंधर के ओलंपियन सुरजीत हॉकी स्टेडियम ने भी लीग चरण की मेज़बानी की, जहां दर्शकों ने हर मुकाबले का आनंद लिया।
2030 हॉकी विश्व कप की मेज़बानी का दावा
इस सफल आयोजन ने पंजाब के 2030 हॉकी विश्व कप की मेज़बानी के दावे को मजबूत किया है। पंजाब की यह जीत केवल एक खिताबी सफलता नहीं, बल्कि एशियाई हॉकी में भारतीय दबदबे का प्रमाण है।
