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पंजाब में नहरी सिंचाई का विस्तार, फसलें अब पानी की कमी से सुरक्षित

पंजाब में जल संसाधन मंत्री बरिंदर कुमार गोयल ने समराला के गांव पूनियां में 1.10 करोड़ रुपये की लागत से लिफ्ट सिंचाई योजना का उद्घाटन किया। इस योजना के तहत 767 एकड़ कृषि भूमि को नहरी पानी की पहली बार पहुंच मिलेगी, जिससे किसानों को लाभ होगा और उनकी सिंचाई लागत में कमी आएगी। सरकार ने हर खेत तक नहरी पानी पहुंचाने का संकल्प लिया है, जिससे भूजल पर निर्भरता कम होगी। जानें इस योजना के बारे में और क्या कदम उठाए जा रहे हैं।
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लिफ्ट सिंचाई योजना का उद्घाटन


जल संसाधन मंत्री बरिंदर कुमार गोयल ने समराला के गांव पूनियां में 1.10 करोड़ रुपये की लागत वाली लिफ्ट सिंचाई योजना का उद्घाटन किया।


लुधियाना: पंजाब सरकार ने किसानों की भलाई और कृषि को सशक्त बनाने के लिए जल संसाधन, खनन और भू-विज्ञान मंत्री बरिंदर कुमार गोयल ने समराला विधानसभा क्षेत्र के गांव पूनियां में 1.10 करोड़ रुपये की लागत से लिफ्ट सिंचाई योजना का उद्घाटन किया। उन्होंने कहा कि सरकार हर किसान के खेत तक नहरी पानी पहुंचाने के लिए प्रतिबद्ध है, जिससे भूजल पर निर्भरता कम हो और जल संरक्षण को बढ़ावा मिले।


नहरी पानी की पहली बार पहुंच

मंत्री ने बताया कि गांव पूनियां लंबे समय से नहरी पानी से वंचित था और यहां भूजल का स्तर लगातार गिर रहा था। इस परियोजना के तहत 8 किलोमीटर लंबी भूमिगत पाइपलाइन बिछाई गई है, जिससे 767 एकड़ कृषि भूमि तक पहली बार नहरी पानी पहुंचाया गया है। इससे लगभग 120 किसानों को सीधा लाभ होगा और उनकी सिंचाई लागत में कमी आएगी।


सरकार का संकल्प

उन्होंने कहा कि सरहिंद नहर का निर्माण 1985 में हुआ था, लेकिन इस क्षेत्र को इसका लाभ नहीं मिला। मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने 2022 में सरकार बनने के बाद हर खेत तक नहरी पानी पहुंचाने का संकल्प लिया था, जिसे अब चरणबद्ध तरीके से लागू किया जा रहा है। अब तक सरहिंद नहर से जुड़ी सात लिफ्ट सिंचाई योजनाओं के माध्यम से 2,124 एकड़ क्षेत्र को पहली बार नहरी पानी उपलब्ध कराया गया है।


नहरों के नवीनीकरण पर खर्च

गोयल ने बताया कि समराला विधानसभा क्षेत्र में नहरों के नवीनीकरण और भूमिगत पाइपलाइन बिछाने पर 43.50 करोड़ रुपये खर्च किए गए हैं, जिससे 12,630 एकड़ भूमि को नियमित रूप से नहरी पानी मिल रहा है। पंजाब सरकार ने पूरे राज्य में नहरी सिंचाई के विस्तार के लिए लगभग 7,200 करोड़ रुपये खर्च किए हैं, जिससे भूजल संरक्षण और कृषि उत्पादन क्षमता में वृद्धि हो रही है।


नहरी पानी का उपयोग

उन्होंने कहा कि 2022 में केवल 26 प्रतिशत नहरी पानी का उपयोग हो रहा था, जबकि अब यह बढ़कर 86 प्रतिशत हो गया है। सरकार का लक्ष्य इसे 100 प्रतिशत तक पहुंचाना है। आजादी के बाद पहली बार पंजाब के 1,550 गांवों तक नहरी पानी पहुंचाया गया है, जो राज्य की सिंचाई व्यवस्था में एक महत्वपूर्ण बदलाव का प्रतीक है।


किसान आंदोलन की जानकारी

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