पंजाब में परविंदर झोटा हत्या के विरोध में 15 अक्टूबर को बंद का आह्वान
परविंदर झोटा हत्या मामला
परविंदर झोटा हत्या मामला: पंजाब के मानसा में नशे के खिलाफ कार्यकर्ता परविंदर सिंह झोटा की हत्या के बाद राज्य में आक्रोश बढ़ता जा रहा है। इस हत्याकांड के विरोध में 15 अक्टूबर को पंजाब बंद का आह्वान किया गया है। शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी (SGPC) ने भी इस बंद का समर्थन किया है और अपने कार्यालयों को बंद रखने की घोषणा की है। इस घटना को लेकर राजनीतिक और सामाजिक संगठनों ने राज्य सरकार पर सवाल उठाए हैं। प्रदर्शनकारियों ने मुख्यमंत्री भगवंत मान और पुलिस महानिदेशक गौरव यादव के इस्तीफे की मांग की है। परविंदर सिंह झोटा की हत्या 13 अक्टूबर को मानसा में हुई थी, जहां वह लंबे समय से नशे के खिलाफ अभियान चला रहे थे। घटना के बाद से इलाके में तनाव बना हुआ है और दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग तेज हो गई है।
SGPC का बंद का समर्थन
परविंदर सिंह झोटा की हत्या के विरोध में बुलाए गए बंद को SGPC ने अपना समर्थन दिया है। कमेटी के अध्यक्ष एडवोकेट हरजिंदर सिंह धामी ने कहा कि नशे के खिलाफ आवाज उठाने वाले कार्यकर्ता की हत्या एक गंभीर मामला है। SGPC ने घोषणा की है कि 15 अक्टूबर को उसके कार्यालय और संबंधित संस्थान बंद रहेंगे। इस बंद का उद्देश्य हत्याकांड के खिलाफ विरोध दर्ज कराना और राज्य में नशे के अवैध कारोबार पर प्रभावी कार्रवाई की मांग करना है। हालांकि, राज्यभर में बाजारों, सार्वजनिक परिवहन और अन्य सेवाओं पर इसका कितना असर पड़ेगा, इसकी पूरी जानकारी अभी स्पष्ट नहीं है।
फेसबुक लाइव के दौरान हुई हत्या
परविंदर सिंह झोटा मानसा में नशे के खिलाफ सक्रिय रूप से काम कर रहे थे। 13 अक्टूबर को, वह एक मेडिकल स्टोर संचालक अश्वनी कुमार से नशीले पदार्थों की बिक्री को लेकर सवाल कर रहे थे। इसी दौरान विवाद बढ़ गया और गोलीबारी में झोटा की मौत हो गई। घटना का कुछ हिस्सा फेसबुक लाइव वीडियो में रिकॉर्ड हुआ था। गोलीबारी में झोटा के साथ मौजूद अन्य लोग भी घायल हुए थे। इस घटना के बाद स्थानीय लोगों और समर्थकों में भारी नाराजगी फैल गई। परिवार ने न्याय मिलने तक अंतिम संस्कार नहीं करने की बात कही थी और मामले की निष्पक्ष जांच की मांग उठाई थी।
मुख्य आरोपी अश्वनी कुमार की गिरफ्तारी
हत्याकांड के बाद पुलिस ने आरोपी अश्वनी कुमार की तलाश शुरू की थी। उसे राजस्थान के सालासर से गिरफ्तार किया गया। पुलिस मामले की जांच कर रही है और गोलीबारी से जुड़े घटनाक्रम और अन्य आरोपियों की भूमिका की पड़ताल की जा रही है। इस बीच मानसा में आरोपी के मेडिकल स्टोर में तोड़फोड़ और आगजनी की घटना सामने आई। जिला प्रशासन ने उसके घर के अवैध हिस्से को भी गिराया। अधिकारियों ने कहा कि कार्रवाई अवैध निर्माण से संबंधित थी, जबकि इलाके में कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए पुलिस बल तैनात किया गया था।
मुख्यमंत्री और DGP के इस्तीफे की मांग
परविंदर झोटा की हत्या के बाद विपक्षी दलों और प्रदर्शनकारियों ने पंजाब में नशे के कारोबार तथा कानून-व्यवस्था को लेकर राज्य सरकार पर निशाना साधा है। प्रदर्शनकारियों ने मुख्यमंत्री भगवंत मान और DGP गौरव यादव के इस्तीफे की मांग की है। वहीं, भारतीय जनता पार्टी ने मामले की जांच केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) से कराने की मांग उठाई है। राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग (NHRC) के सदस्य प्रियांक कानूनगो ने भी घटना पर गंभीर चिंता जताई और इसे राज्य में कानून-व्यवस्था और नशे के खिलाफ काम करने वाले लोगों की सुरक्षा से जुड़ा गंभीर मामला बताया।
