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पंजाब में फंगस लगे मैगी नूडल्स बेचने पर नेस्ले इंडिया को 10,000 रुपये का मुआवजा

पंजाब कंज्यूमर डिस्प्यूट्स रिड्रेसल कमीशन ने नेस्ले इंडिया को फंगस लगे मैगी नूडल्स बेचने पर 10,000 रुपये का मुआवजा देने का आदेश दिया है। यह मामला तब सामने आया जब एक ग्राहक ने फंगस लगे नूडल्स का पैकेट खरीदा। कमीशन ने कहा कि सेलर या निर्माता अपनी जिम्मेदारी से नहीं बच सकते। जानें इस मामले की पूरी जानकारी और कमीशन के निर्णय के पीछे की वजह।
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पंजाब कंज्यूमर डिस्प्यूट्स रिड्रेसल कमीशन का निर्णय


पंजाब कंज्यूमर डिस्प्यूट्स रिड्रेसल कमीशन ने नेस्ले इंडिया लिमिटेड और लुधियाना के एक स्टोर को अनुचित व्यापार प्रथाओं और सेवा में कमी का दोषी ठहराया है। उन पर आरोप था कि उन्होंने 2021 में एक ग्राहक को फंगस लगे मैगी नूडल्स का पैकेट बेचा। कमीशन ने उन्हें 68 रुपये लौटाने और 10,000 रुपये का मुआवजा देने का आदेश दिया।


कमीशन की सुनवाई और निर्णय

जस्टिस दया चौधरी और सदस्य विश्व कांत गर्ग ने उस अपील पर सुनवाई की, जिसमें नेस्ले इंडिया और स्थानीय स्टोर ने जिला कमीशन के 2024 के आदेश को चुनौती दी थी।


सेलर या निर्माता अपनी जिम्मेदारी से नहीं बच सकते


कमीशन ने कहा कि यदि कोई उत्पाद अस्वच्छ है या खाने के लिए अनुपयुक्त है, तो सेलर या निर्माता यह नहीं कह सकते कि ग्राहक ने कोई लैब रिपोर्ट पेश नहीं की।


नकली सामान बेचना अपराध

कमीशन ने यह भी स्पष्ट किया कि कंज्यूमर प्रोटेक्शन एक्ट के तहत नकली और मिलावटी सामान बेचना एक गंभीर अपराध है। यदि यह साबित हो जाता है कि सामान में मिलावट है, तो कोई भी व्यक्ति उस सामान का सेवन नहीं करेगा।


घटना का विवरण

फतेहगढ़ साहिब के निवासी सिमरनजीत सिंह ने 3 जुलाई, 2021 को एक स्थानीय दुकान से 20 ग्राम का मैगी नूडल्स का पैकेट खरीदा। जब उनकी मां ने इसे खोला, तो उसमें काला फंगस दिखाई दिया।


नेस्ले इंडिया का जवाब न देना

सिमरनजीत के वकील, एडवोकेट बेअंत कौर ने कहा कि नेस्ले इंडिया के कस्टमर केयर से बार-बार शिकायत करने के बावजूद कोई प्रतिक्रिया नहीं मिली, जिसके कारण उन्हें जिला उपभोक्ता आयोग का दरवाजा खटखटाना पड़ा।


जिला उपभोक्ता आयोग का आदेश

जिला आयोग ने अगस्त 2024 में नेस्ले इंडिया और संबंधित स्टोर को अनुचित व्यापार व्यवहार के लिए जिम्मेदार ठहराया और उन्हें 68 रुपये लौटाने और 10,000 रुपये का मुआवजा देने का आदेश दिया। इस निर्णय से असंतुष्ट होकर, कंपनी और स्टोर ने राज्य आयोग में अपील की।