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पंजाब में बिजली संकट: उद्योगों के लिए 10 घंटे की कटौती

पंजाब में कोयले की कमी के चलते बिजली संकट गहरा गया है, जिससे उद्योगों में 10 घंटे की कटौती की जाएगी। पावरकॉम ने रात 8 बजे से सुबह 6 बजे तक बिजली आपूर्ति बंद करने का निर्णय लिया है। इससे कंपनियों में उत्पादन प्रभावित होगा। थर्मल पावर प्लांट की कई इकाइयाँ बंद हैं, जिससे बिजली उत्पादन क्षमता में कमी आई है। जानें इस संकट के पीछे के कारण और कोल इंडिया की पहल के बारे में।
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पंजाब में बिजली संकट की स्थिति


पंजाब समाचार: पंजाब में कोयले की कमी के कारण बिजली संकट और गहरा हो गया है। इस संकट के चलते अब उद्योगों में 10 घंटे की बिजली कटौती की जाएगी। पावरकॉम ने कैटगरी-2 फीडरों के लिए आज रात का शेड्यूल जारी किया है, जिसके अनुसार रात 8 बजे से सुबह 6 बजे तक बिजली की आपूर्ति बंद रहेगी। इसका मतलब है कि शुक्रवार की रात कंपनियों में कोई उत्पादन नहीं हो सकेगा।


प्लांट की कई इकाइयाँ बंद

कोयले की कमी और थर्मल पावर प्लांट की कई इकाइयों के बंद होने से राज्य में बिजली उत्पादन प्रभावित हुआ है। गुरुवार को राज्य के तीन थर्मल पावर प्लांट की कई इकाइयाँ पूरी तरह बंद रहीं, जिनमें तलवंडी साबो स्थित निजी थर्मल पावर प्लांट की दो इकाइयाँ भी शामिल हैं। इससे राज्य की बिजली उत्पादन क्षमता में कमी आई है और आने वाले दिनों में बिजली आपूर्ति पर दबाव बढ़ने की संभावना है।


तलवंडी प्लांट की स्थिति

तलवंडी साबो स्थित निजी थर्मल पावर प्लांट की दो इकाइयों के बंद होने से पंजाब की बिजली व्यवस्था पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ा है। हालांकि, यह स्पष्ट नहीं है कि इन इकाइयों के बंद होने का कारण कोयले की कमी है या कोई तकनीकी समस्या। एक इकाई के बंद होने के बाद पंजाब की कुल बिजली उत्पादन क्षमता 4,800 मेगावाट से घटकर लगभग 3,642 मेगावाट रह गई है। ऐसे में बिजली की मांग और उपलब्ध उत्पादन के बीच अंतर बढ़ने की स्थिति में कटौती का दबाव बढ़ सकता है।


राजपुरा प्लांट की स्थिति

राजपुरा स्थित निजी थर्मल पावर प्लांट भी पिछले कई दिनों से अपनी क्षमता के आधे से कम बिजली पैदा कर रहा है। इसके अलावा, रोपड़ स्थित सरकारी थर्मल पावर प्लांट की एक इकाई और गोइंदवाल की एक इकाई भी गुरुवार को पूरी तरह बंद रही।


कोयले की कमी का प्रभाव

पंजाब में बिजली संकट के पीछे कोयले की उपलब्धता को एक प्रमुख कारण माना जा रहा है। थर्मल पावर प्लांट बिजली उत्पादन के लिए बड़ी मात्रा में कोयले पर निर्भर करते हैं। कोयले की आपूर्ति में कमी होने पर प्लांट अपनी पूरी क्षमता से नहीं चल पाते। हालांकि, देश में कोयले के भंडार की स्थिति में कुछ सुधार हुआ है। बताया गया है कि देश में लगभग 51 दिनों का कोयला भंडार मौजूद है।


कोल इंडिया की पहल

कोल इंडिया लिमिटेड ने बिजली संयंत्रों को कोयले की आपूर्ति बढ़ाई है। बारिश कम होने के साथ कंपनी का कुल कोयला उत्पादन 8 सितंबर को बढ़कर 19 लाख टन हो गया। यह सितंबर के शुरुआती तीन दिनों के दैनिक औसत से लगभग 40 प्रतिशत अधिक है। बिजली क्षेत्र को कोयले की आपूर्ति में भी लगभग 27 प्रतिशत की वृद्धि हुई है। यह सप्लाई बढ़कर लगभग 17 लाख टन प्रतिदिन हो गई है, जबकि महीने की शुरुआत में यह लगभग 13 लाख टन प्रतिदिन थी।