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पंजाब में महिलाओं के खातों में ट्रांसफर हुई राशि, सीएम भगवंत मान का बयान

पंजाब सरकार ने मावां धिया सम्मान योजना के तहत महिलाओं के खातों में राशि ट्रांसफर की है। सीएम भगवंत मान ने इस योजना के महत्व और महिलाओं के सशक्तिकरण पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि यह राशि महिलाओं के सम्मान और आत्मनिर्भरता के लिए है। कार्यक्रम में 32 लाख महिलाओं को पहले ही लाभ मिल चुका है, और नए रजिस्ट्रेशन पर भी तीन महीने की राशि एक साथ मिलेगी। जानें इस योजना के बारे में और क्या कहा सीएम ने।
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मावां धिया सम्मान योजना के तहत राशि का वितरण


पंजाब, पठानकोट: पंजाब सरकार ने मावां धिया सम्मान योजना के अंतर्गत शनिवार को महिलाओं के खातों में धनराशि ट्रांसफर की। इस योजना के तहत सामान्य वर्ग की महिलाओं को 3,000 रुपये और अनुसूचित जाति की महिलाओं को 4,500 रुपये मिले।


पठानकोट के व्हाइट मेडिकल कॉलेज में आयोजित एक कार्यक्रम में मुख्यमंत्री भगवंत मान ने कहा कि हमने जनता से किए गए सभी वादों को पूरा किया है। उन्होंने कहा कि पहले लोग मुझे नहीं जानते थे, लेकिन महिलाओं ने मुझे मुख्यमंत्री बना दिया। अब अगर उनके फोन पर टूं-टूं नहीं करवाई तो इसका क्या फायदा?


32 लाख महिलाओं को पहले ही मिल चुकी है राशि

इस योजना के तहत पहली बार लाभार्थी महिलाओं को तीन महीने की राशि एक साथ मिली है। इससे पहले 32 लाख महिलाओं के खातों में धनराशि ट्रांसफर की जा चुकी है। इस कार्यक्रम के बाद, आप सरकार ने 2027 के चुनाव से पहले अपनी सबसे बड़ी गारंटी में लगभग 72 लाख महिलाओं को कवर कर लिया है।


महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने का लक्ष्य

सीएम मान ने कहा कि 2022 विधानसभा चुनाव में महिलाओं से किया गया अंतिम बड़ा वादा भी पूरा कर दिया गया है। उन्होंने कहा कि महिलाओं को दी जा रही आर्थिक सहायता किसी पर एहसान नहीं है, बल्कि यह उन्हें आर्थिक रूप से मजबूत और आत्मनिर्भर बनाने का प्रयास है। यह राशि महिलाओं के सम्मान और सशक्तिकरण की दिशा में सरकार का एक कदम है।


नए रजिस्ट्रेशन पर भी मिलेगी राशि

मुख्यमंत्री ने यह भी बताया कि जो महिलाएं आज के बाद रजिस्ट्रेशन करेंगी, उन्हें भी तीन महीने की राशि एक साथ मिलेगी। उन्होंने कहा कि पैसे की कोई कमी नहीं होगी और महिलाओं को उनके अधिकार दिए जाएंगे। सीएम ने कहा कि 1500 रुपये मिलने से कोई अमीर नहीं होगा, यह उनके सम्मान की राशि है। यह पैसे उनके हैं, चाहे वे बच्चों के लिए खिलौने खरीदें या अपने परिवार के लिए शगुन के तौर पर दें।