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पंजाब में मानसून की कमी: बारिश सामान्य से 30% कम

पंजाब में मानसून सीजन के दौरान बारिश की कमी चिंता का विषय बन गई है, जहां बारिश सामान्य से 30% कम हो गई है। मौसम विभाग ने अगले दो दिनों में बारिश की संभावना जताई है, लेकिन रविवार को गर्मी ने लोगों को परेशान किया। कृषि प्रधान राज्य में धान की अच्छी पैदावार के लिए बारिश की आवश्यकता है। क्या अगले दिनों में मौसम में सुधार होगा? जानें पूरी जानकारी इस लेख में।
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मौसम विभाग की भविष्यवाणी


मौसम विभाग ने अगले दो दिनों में बारिश की संभावना जताई है, तापमान 36 डिग्री तक पहुंचा


चंडीगढ़: पंजाब में मानसून के दौरान बारिश की कमी देखी जा रही है। भारतीय मौसम विभाग ने पहले ही चेतावनी दी थी कि इस वर्ष अल नीनो का प्रभाव मानसून पर पड़ेगा, जिससे बारिश सामान्य से कम होगी। यह चेतावनी अब तक सही साबित हो रही है।


मानसून का आधा समय बीत जाने के बावजूद, राज्य में बारिश सामान्य से लगभग 30 प्रतिशत कम हुई है। चंडीगढ़ मौसम विभाग के ताजा बुलेटिन के अनुसार, आज और कल बारिश की गतिविधि कम रहने की संभावना है। हालांकि, 12 और 13 अगस्त को कुछ जिलों में हल्की बारिश की उम्मीद है।


गर्मी और धूप का असर

रविवार को राज्य के अधिकांश हिस्सों में बारिश नहीं हुई। आसमान साफ रहा और धूप के कारण तापमान में वृद्धि हुई। मौसम विभाग के अनुसार, अधिकतम तापमान में पिछले दिन की तुलना में औसतन 3.2 डिग्री सेल्सियस की बढ़ोतरी हुई। चंडीगढ़ में अधिकतम तापमान 36 डिग्री दर्ज किया गया।


अन्य स्थानों पर, श्री आनंदपुर साहिब में भी 36 डिग्री, लुधियाना में 35.4, पटियाला में 35.1, पठानकोट में 35.5, जालंधर में 35.5, होशियारपुर में 33.6, अमृतसर में 31.3 और बठिंडा में 32 डिग्री तापमान रहा। अगले सप्ताह के मध्य में बारिश की संभावना फिर से बढ़ सकती है।


खरीफ फसलों के लिए बारिश की आवश्यकता

पंजाब एक कृषि प्रधान राज्य है, जहां खरीफ सीजन में बड़े पैमाने पर धान की रोपाई की जाती है। धान की अच्छी पैदावार के लिए पर्याप्त बारिश आवश्यक है। यदि मानसून के दौरान अच्छी बारिश होती है, तो यह न केवल धान की पैदावार में मदद करेगी, बल्कि भूजल स्तर को भी बनाए रखने में सहायक होगी।