पंजाब में मानसून की कमी से बढ़ेगा तापमान, किसानों की चिंता बढ़ी
पंजाब में बारिश की कमी का असर
धान की फसल पर बारिश की कमी का प्रभाव
चंडीगढ़ से मिली जानकारी के अनुसार, इस वर्ष पंजाब में मानसून की बारिश अपेक्षित मात्रा में नहीं हुई है। हाल के दिनों में मानसून की गतिविधियां लगभग ठप हो गई हैं, जिससे प्रदेश में केवल हल्की बूंदाबांदी हो रही है। इससे गर्मी और उमस में वृद्धि हो रही है, जिससे तापमान में बढ़ोतरी हो रही है।
भारतीय मौसम विभाग के चंडीगढ़ कार्यालय द्वारा जारी बुलेटिन के अनुसार, पंजाब में मानसून की गति धीमी हो गई है। मौसम विभाग ने बुधवार से राज्य के 16 जिलों में शुष्क मौसम की भविष्यवाणी की है। इनमें अमृतसर, तरनतारन, कपूरथला, जालंधर, लुधियाना, फतेहगढ़ साहिब, फिरोजपुर, मोगा, फरीदकोट, बरनाला, संगरूर, पटियाला, फाजिल्का, मुक्तसर, बठिंडा और मानसा शामिल हैं।
अलनीनो का प्रभाव
मानसून पर अलनीनो का असर
पंजाब में शुष्क मौसम के कारण तापमान में 1.5 डिग्री की वृद्धि हुई है। बठिंडा में तापमान 39.6 डिग्री तक पहुंच गया है। हालांकि, न्यूनतम तापमान में 2 डिग्री की कमी आई है, जो फरीदकोट में 22 डिग्री दर्ज किया गया। 1 जून से अब तक पंजाब में सामान्य से 28 फीसदी कम बारिश हुई है। भारतीय मौसम विज्ञान विभाग ने पहले ही अल नीनो के कारण मानसून में 8 फीसदी कमी की संभावना जताई थी।
कृषि पर प्रभाव
धान और कपास पर बीमारियों का खतरा
मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि अल नीनो दक्षिण-पश्चिम मानसून को प्रभावित कर रहा है, जिससे बारिश की कमी हो रही है। कृषि विशेषज्ञों के अनुसार, बारिश की कमी से धान की फसल पर नकारात्मक प्रभाव पड़ेगा। किसानों को सिंचाई के लिए ट्यूबवेल पर अधिक निर्भर रहना होगा, जिससे भू-जल संकट बढ़ सकता है। नमी वाले मौसम के कारण कपास में बीमारियों का खतरा भी बढ़ गया है। किसानों को गुलाबी सुंडी और चिट्टी मक्खी से बचाव के लिए कपास की फसल का नियमित निरीक्षण करना चाहिए।
हल्की बारिश की संभावना
आज इन जिलों में बारिश की संभावना
केवल पठानकोट, गुरदासपुर, होशियारपुर, नवांशहर, रूपनगर और मोहाली में हल्की से मध्यम बारिश की संभावना है। मंगलवार को मोगा, बठिंडा, बरनाला, संगरूर और मानसा में मौसम शुष्क रहा। आने वाले दिनों में पंजाब का तापमान 4 डिग्री तक बढ़ सकता है, जिससे गर्मी का प्रकोप बढ़ेगा।
