पंजाब में वाइल्डलाइफ वीक के तहत छतबीड़ जू में बर्ड वॉक का आयोजन
बर्ड वॉक का आयोजन
चंडीगढ़ - पंजाब सरकार के वन और वन्य जीव संरक्षण विभाग द्वारा वाइल्डलाइफ वीक-2026 का आयोजन किया जा रहा है। इस अवसर पर शनिवार को एक विशेष बर्ड वॉक का आयोजन किया गया, जिसमें सोशल सब्सटांस, ट्राई सिटी फोटो आर्ट सोसाइटी (तपस) और अन्य संगठनों के सदस्य शामिल हुए। यह वॉक छतबीड़ जू अथॉरिटी और सोशल सब्सटांस के सहयोग से सुबह के समय आयोजित की गई। इस कार्यक्रम में चंडीगढ़, पंचकूला और मोहाली के प्रसिद्ध वन्यजीव फोटोग्राफर्स, आर्ट फोटोग्राफर्स और वन्यजीव प्रेमियों ने भाग लिया।
इस मौके पर सोशल सब्सटेंस के अरूण भाटिया ने बताया कि उनकी संस्था वन्य जीवन और प्रकृति के संरक्षण के लिए निरंतर फोटोग्राफी और डॉक्यूमेंटेशन का कार्य करती है। तपस के मेंटर दीप भाटिया ने कहा कि उनकी संस्था पिछले 10 वर्षों से कलात्मक फोटोग्राफी को बढ़ावा देने के लिए काम कर रही है। इस अवसर पर छतबीड़ जू के वरिष्ठ अधिकारियों ने भाग लेने वाले संस्थाओं को ट्रॉफी देकर सम्मानित किया। फोटोग्राफी से जुड़ी संस्थाओं के अनुरोध पर अधिकारियों ने कहा कि वाइल्डलाइफ और आर्ट फोटोग्राफी से जुड़े कलाकारों के लिए कैमरे की 500 रुपये की फीस माफ कर दी जाएगी।
सुबह के फोटो वॉक के दौरान फोटोग्राफरों ने छतबीड़ चिड़ियाघर में रखे सुंदर पक्षियों की तस्वीरें खींचीं, साथ ही दुर्लभ जंगली जानवरों और प्राकृतिक दृश्यों को भी अपने कैमरे में कैद किया। ट्राई सिटी फोटो आर्ट सोसाइटी के दीप भाटिया, हेमंत चौहान, प्रवीण नैन, पीयूष चित्रा, राजेश आर्य, राहुल बक्शी, अशोक गोयल, सुभाष गोयल, संदीप सैनी, अंगसुमन राय चौधरी और तरनजीव सिंह ने इस बर्ड वॉक में भाग लिया।
इस प्रकृति भ्रमण में प्रतिभागियों को छतबीर क्षेत्र के प्राकृतिक वातावरण में पक्षियों को उनके प्राकृतिक आवास में देखने और उनके व्यवहार को समझने का अवसर मिला। सुबह के शांत मौसम में विभिन्न पक्षियों की गतिविधियों, उनकी आवाजों, उड़ान, भोजन की तलाश और उनके प्राकृतिक आवास के साथ संबंधों को करीब से देखा गया। कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य लोगों, विशेषकर युवाओं और प्रकृति प्रेमियों में पक्षी अवलोकन, जैव विविधता संरक्षण और प्राकृतिक आवासों की सुरक्षा के प्रति रुचि पैदा करना था। प्रतिभागियों को बताया गया कि पक्षी किसी भी पारिस्थितिकी तंत्र के महत्वपूर्ण संकेतक होते हैं और उनकी उपस्थिति पर्यावरण के स्वास्थ्य के बारे में महत्वपूर्ण जानकारी देती है। आयोजकों ने कहा कि ऐसे प्रकृति-आधारित कार्यक्रमों को बढ़ावा देने का उद्देश्य समाज को वन्यजीवों और जैव विविधता से जोड़ना और लोगों को संरक्षण के लिए सक्रिय भागीदारी हेतु प्रेरित करना है।
