पंजाब में सरकारी नौकरियों में मेरिट का महत्व: मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान का बयान
पंजाब में सरकारी नौकरियों की पारदर्शिता
चंडीगढ़- पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने आज बताया कि राज्य सरकार ने एक ऐसी प्रणाली स्थापित की है, जिसमें सरकारी नौकरियां केवल योग्यता के आधार पर दी जाती हैं, न कि पैसे या सिफारिश के माध्यम से। उन्होंने यह भी बताया कि 2026 की राष्ट्रीय पात्रता सह प्रवेश परीक्षा (नीट) में पंजाब के सरकारी स्कूलों के 882 छात्रों ने सफलता हासिल की है। अब तक, राज्य सरकार ने पारदर्शी भर्ती प्रक्रिया के तहत 68,000 से अधिक सरकारी नौकरियां केवल योग्यता के आधार पर प्रदान की हैं, जो सरकार की ईमानदारी और समान अवसर प्रदान करने की प्रतिबद्धता को दर्शाता है।
जीरकपुर में आयोजित एक समारोह में नीट उत्तीर्ण छात्रों को सम्मानित करते हुए, मुख्यमंत्री ने कहा कि यह उपलब्धि गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, निःशुल्क कोचिंग, मेंटोरशिप और करियर काउंसलिंग पर ध्यान देने का परिणाम है। इससे सरकारी स्कूलों के छात्रों को देश के सर्वश्रेष्ठ छात्रों के साथ प्रतिस्पर्धा करने का अवसर मिला है, जिससे 'रंगला पंजाब' की मजबूत नींव रखी जा रही है।
इस समारोह में, मुख्यमंत्री ने नीट-2026 उत्तीर्ण छात्रों को सम्मानित किया और उनसे बातचीत की। कई छात्रों ने मुख्यमंत्री से ऑटोग्राफ भी लिया। मुख्यमंत्री ने छात्रों को अपने हस्ताक्षर दिए, और छात्रों ने उनके लिए बनाए गए चित्र भेंट किए, जिससे यह अवसर और भी खास बन गया।
मुख्यमंत्री ने अपने 'एक्स' अकाउंट पर लिखा, "पंजाब के सरकारी स्कूलों के प्रतिभाशाली छात्रों ने साबित कर दिया है कि जब उन्हें बेहतर अवसर और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा मिलती है, तो कोई भी सपना दूर नहीं रहता। इस वर्ष हमारे सरकारी स्कूलों के 882 छात्रों ने नीट परीक्षा उत्तीर्ण कर एक नया इतिहास रचा है।"
उन्होंने आगे कहा, "यह उपलब्धि हमारे छात्रों की मेहनत, उनके अभिभावकों के सहयोग और शिक्षकों के प्रयासों का परिणाम है। हमारी सरकार यह सुनिश्चित करने के लिए प्रतिबद्ध है कि हर बच्चे को अपने सपनों को साकार करने के लिए आवश्यक अवसर और संसाधन मिलें।"
मुख्यमंत्री ने कहा कि 2022 में केवल 82 छात्रों ने नीट परीक्षा उत्तीर्ण की थी, जबकि इस वर्ष यह संख्या बढ़कर 882 हो गई है। यह पंजाब के लिए एक ऐतिहासिक उपलब्धि है, जो शिक्षा प्रणाली में किए गए सुधारों को दर्शाती है।
उन्होंने कहा, "इस वर्ष देशभर से लगभग 20 लाख छात्रों ने नीट परीक्षा दी। हमारे छात्रों ने इस कठिन परीक्षा में उत्कृष्ट प्रदर्शन कर पंजाब का गौरव बढ़ाया है।"
मुख्यमंत्री ने पेपर लीक की घटनाओं पर भी चिंता व्यक्त की और कहा कि यह दुर्भाग्यपूर्ण है कि कई छात्रों को निराशा का सामना करना पड़ा। उन्होंने कहा कि उनकी सरकार ने सत्ता में आने के बाद एक भी परीक्षा का प्रश्नपत्र लीक नहीं होने दिया।
मुख्यमंत्री ने कहा, "हमारी सरकार ने पारदर्शी भर्ती नीति के तहत 68,000 से अधिक युवाओं को सरकारी नौकरियां दी हैं। इसमें न तो सिफारिश है, न रिश्वत, और न ही किसी प्रकार का पक्षपात।"
उन्होंने कहा, "हम विद्यार्थियों को कठिन परीक्षाओं के लिए तैयार कर रहे हैं। पहले छात्र आसान प्रश्नपत्र चाहते थे, लेकिन अब स्थिति बदल चुकी है।"
मुख्यमंत्री ने कहा कि शिक्षा प्रणाली को सशक्त बनाने के लिए वे शिक्षकों को आधुनिक प्रशिक्षण देने के लिए फिनलैंड और आईआईएम जैसी संस्थाओं में भेज रहे हैं।
उन्होंने कहा, "इन प्रयासों के सकारात्मक परिणाम अब स्पष्ट हैं। सरकारी स्कूलों के छात्र अब नीट जैसी परीक्षाओं में सफलता प्राप्त कर रहे हैं।"
मुख्यमंत्री ने विद्यार्थियों से कहा, "सफलता के बाद भी जमीन से जुड़े रहना चाहिए। मेहनत ही सफलता का एकमात्र मार्ग है।"
उन्होंने कहा, "महिला सशक्तिकरण के लिए यह गर्व की बात है कि हमारी बेटियाँ हर क्षेत्र में उत्कृष्टता प्राप्त कर रही हैं।"
मुख्यमंत्री ने विद्यार्थियों को बधाई देते हुए कहा कि यह उपलब्धि उनके उज्ज्वल भविष्य की शुरुआत है।
