पटना हाईकोर्ट में खान सर की एफआईआर रद्द करने की याचिका, अगली सुनवाई 20 जून को
खान सर की कानूनी लड़ाई जारी
पटना: खान ग्लोबल स्टडीज के संस्थापक फैजल खान, जिन्हें आमतौर पर खान सर के नाम से जाना जाता है, ने अपने खिलाफ दायर एफआईआर को रद्द कराने के लिए पटना हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया है। चूंकि एफआईआर में गैरजमानती धाराएं शामिल हैं, खान सर ने निचली अदालत से अग्रिम जमानत की मांग की है। अदालत ने उनकी गिरफ्तारी पर रोक लगाते हुए पुलिस से केस डायरी और खान सर की आपराधिक पृष्ठभूमि की जानकारी मांगी है। इस मामले की अगली सुनवाई 20 जून को होगी।
खान सर के कोचिंग संस्थान पर हमले के मामले में ज्ञान बिंदु कोचिंग के मालिक रौशन आनंद को जेल में रखा गया है। हाल ही में उनकी जमानत याचिका निचली अदालत द्वारा खारिज कर दी गई थी, जिसके खिलाफ उनके वकील जिला जज के समक्ष अपील करने की तैयारी कर रहे हैं। खान सर की याचिका पर सुनवाई के दौरान हाईकोर्ट ने बिहार सरकार से भी जवाब मांगा है। अदालत ने सम्राच चौधरी सरकार को चार हफ्तों के भीतर जवाब देने का निर्देश दिया है। खान सर ने अदालत से अनुरोध किया है कि वह खान ग्लोबल कोचिंग को फिर से खोलने की अनुमति दे और एफआईआर को रद्द करने का आदेश जारी करे।
अवकाशकालीन न्यायमूर्ति चंद्र शेखर झा की एकलपीठ ने मामले की सुनवाई की है। अगली सुनवाई अब 18 जुलाई को निर्धारित की गई है। अदालत ने खान सर की अग्रिम जमानत पर उनकी गिरफ्तारी पर रोक लगाते हुए 20 जून तक अंतरिम सुरक्षा प्रदान की है। पुलिस ने इस मामले में खान सर पर हत्या के प्रयास और आर्म्स एक्ट की धाराएं लगाई हैं, जिसे उनके वकील ने झूठा और मनगढ़ंत बताया है। उन्होंने कहा कि इस घटना में कोई भी घायल नहीं हुआ है, और गार्ड ने आत्मरक्षा में हवा में गोली चलाई थी।
रौशन आनंद की जमानत याचिका खारिज
दूसरी ओर, खान ग्लोबल स्टडीज के गार्ड के साथ मारपीट के मामले में ज्ञान बिंदू कोचिंग के निदेशक रौशन आनंद की नियमित जमानत याचिका मंगलवार को खारिज कर दी गई। अदालत ने दोनों पक्षों की सुनवाई के बाद अपना आदेश सुरक्षित रखा था। आरोप है कि रौशन आनंद और अन्य अभियुक्तों ने खान ग्लोबल स्टडीज में प्रवेश कर गार्ड को खींचकर बाहर लाकर मारपीट की और उसे घायल कर दिया। पुलिस ने रौशन आनंद, अभिषेक कुमार और गौरव कुमार को गिरफ्तार कर 3 जून तक जेल भेज दिया है। इस मामले में कदमकुंआ थाना में 3 जून को बीएनएस की विभिन्न धाराओं के तहत प्राथमिकी दर्ज की गई थी।
