पलवल में पुलिस और फाइनेंस कंपनी की कार्रवाई से बेघर हुआ नागरिक, डीसी ने दिए सख्त आदेश
पुलिस और फाइनेंस कंपनी की कार्रवाई पर उठे सवाल
पुलिस और फाइनेंस कंपनी के कर्मियों की कार्रवाई से पीड़ित ने उठाया प्रशासन का दरवाजा
पलवल : जिला पलवल के उपायुक्त ने हथीन थाना पुलिस और एक फाइनेंस कंपनी के कर्मचारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई के आदेश दिए हैं। आरोप है कि इन लोगों ने एक निर्दोष नागरिक को उसके परिवार के साथ बेघर कर दिया। जब पीड़ित को न्याय नहीं मिला, तो उसने उपायुक्त के पास शिकायत दर्ज कराई। उपायुक्त ने तहसीलदार को मामले की जांच का जिम्मा सौंपा, जिसके बाद कार्रवाई के आदेश जारी किए गए।
मामले का विवरण
उपायुक्त डॉ. जयेंद्र सिंह छिल्लर ने तहसीलदार की रिपोर्ट के आधार पर संबंधित फाइनेंस कंपनी और पुलिसकर्मियों के खिलाफ कार्रवाई का निर्देश दिया। पीड़ित का कहना है कि पुलिस ने अब तक मामला दर्ज नहीं किया और न ही मकान की सील हटाई गई। मास्टर लखबीर सिंह ने 10 जुलाई को उपायुक्त को बताया कि उन्होंने 26 अक्टूबर 2006 को हथीन में 323 वर्ग गज जमीन खरीदी थी और उस पर मकान बनाकर परिवार के साथ रह रहे थे।
शिकायत के अनुसार, 9 जुलाई को हथीन पुलिस चौकी प्रभारी अनिल कुमार ने पुलिस टीम के साथ उनके घर पहुंचकर मकान को सील कर दिया। उन्होंने जिला उपायुक्त के आदेश का हवाला देते हुए यह कार्रवाई की। जब लखबीर ने विरोध किया, तो उन्हें गालियाँ दी गईं और जेल भेजने की धमकी दी गई।
गलत सीलिंग का मामला
स्थानीय लोगों के अनुसार, ललिता पत्नी जितेंद्र ने उक्त संपत्ति पर 13 लाख रुपये का लोन लिया था और बकाया न चुकाने पर मकान सील किया गया। पीड़ित ने बताया कि जांच में यह सामने आया कि जिला उपायुक्त के आदेश में मुस्तील नंबर 27 को सील करने का निर्देश था, जबकि पुलिस ने मुस्तील नंबर 17 की संपत्ति को सील कर दिया।
समस्या में फंसे लोगों के लिए सुझाव
पुलिस से संपर्क करें: स्थानीय पुलिस स्टेशन या पलवल पुलिस से संपर्क करें और पुलिस अधीक्षक के समक्ष लिखित शिकायत दर्ज कराएं।
कानूनी सहायता: गलत सीलिंग और उत्पीड़न के खिलाफ सिविल कोर्ट में स्टे या मुआवजे का दावा करने हेतु किसी वकील के माध्यम से नोटिस भिजवा सकते हैं।
बैंकिंग लोकपाल: यदि फाइनेंस कंपनी मनमानी कर रही है, तो भारतीय रिजर्व बैंक की शिकायत प्रबंधन प्रणाली पर जाकर उनके खिलाफ शिकायत दर्ज कराएं।
