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पश्चिम बंगाल में TMC नेता पर ग्रामीणों का आक्रोश, हिंसक प्रदर्शन

पश्चिम बंगाल के श्यामपुर में केंद्रीय रोजगार गारंटी योजना में वित्तीय अनियमितताओं के चलते TMC नेता सन्न्यासी मान्ना पर ग्रामीणों का गुस्सा फूटा। प्रदर्शनकारियों ने उन्हें बंधक बना लिया और हिंसक तरीके से सजा दी। इस घटना ने क्षेत्र में राजनीतिक तनाव बढ़ा दिया है। जानें इस घटनाक्रम के पीछे की पूरी कहानी और ग्रामीणों की नाराजगी के कारण।
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पश्चिम बंगाल में TMC नेता पर ग्रामीणों का आक्रोश, हिंसक प्रदर्शन

कोलकाता: ग्रामीणों का गुस्सा फूटा


कोलकाता: पश्चिम बंगाल के ग्रामीण क्षेत्रों में केंद्रीय रोजगार गारंटी योजना में वित्तीय अनियमितताओं के चलते जनता का असंतोष अब सड़कों पर हिंसक विरोध प्रदर्शनों के रूप में उभरने लगा है। शनिवार को श्यामपुर इलाके में एक चौंकाने वाली घटना में, तृणमूल कांग्रेस (TMC) के एक स्थानीय नेता को ग्रामीणों के उग्र आक्रोश का सामना करना पड़ा। यह नेता केंद्र सरकार की 100 दिन की रोजगार योजना के तहत आवंटित धन के गबन और भ्रष्टाचार के गंभीर आरोपों में घिरा हुआ था।


राजनीतिक माहौल में तनाव

इस घटना के बाद श्यामपुर क्षेत्र में राजनीतिक स्थिति बेहद तनावपूर्ण हो गई है। तृणमूल कांग्रेस के नेता की पहचान सन्न्यासी मान्ना के रूप में हुई है। इस घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए भारी पुलिस बल को तैनात किया गया है।



असंतोष की चिंगारी

स्थानीय लोगों का कहना है कि सन्न्यासी मान्ना पर मनरेगा योजना के तहत पारिश्रमिक में हेरफेर करने, फर्जी मस्टर रोल बनाने और गरीब मजदूरों के हक के पैसे का दुरुपयोग करने के आरोप पिछले कई महीनों से लग रहे थे। इस प्रशासनिक और राजनीतिक भ्रष्टाचार के खिलाफ ग्रामीणों में गहरा गुस्सा और नाराजगी पनप रही थी।


हिंसक प्रदर्शन की शुरुआत

शनिवार को ग्रामीणों का धैर्य टूट गया। सैकड़ों पीड़ित ग्रामीण और मजदूर एकजुट होकर नेता के आवास के बाहर इकट्ठा हो गए। जैसे-जैसे प्रदर्शनकारियों की संख्या बढ़ी, विरोध प्रदर्शन हिंसक हो गया। गुस्साए लोगों ने सन्न्यासी मान्ना को बंधक बना लिया, फिर कथित तौर पर उनका सिर मुंडवा दिया। इसके बाद उन्हें जूतों का हार पहनाकर और रस्सी बांधकर पूरे गांव में घुमाया गया।


पुलिस की कार्रवाई

इस हंगामे की सूचना मिलते ही श्यामपुर पुलिस स्टेशन की टीम घटनास्थल पर पहुंची। आक्रोशित भीड़ ने शुरुआत में पुलिस कार्रवाई का विरोध किया, लेकिन वरिष्ठ अधिकारियों ने सूझबूझ से काम लिया। पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को कड़ी कानूनी कार्रवाई का आश्वासन देकर शांत किया और सन्न्यासी मान्ना को सुरक्षित रूप से भीड़ से मुक्त कर थाने ले आई।