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पहलगाम आतंकी हमले में हाफिज सईद के खिलाफ गैर-जमानती वारंट जारी

जम्मू की विशेष एनआईए अदालत ने लश्कर-ए-तैयबा के प्रमुख हाफिज सईद के खिलाफ गैर-जमानती वारंट जारी किया है, जो पहलगाम आतंकी हमले की साजिश में शामिल है। एनआईए का कहना है कि सईद जानबूझकर गिरफ्तारी से बच रहा है। अदालत ने 'ट्रायल इन एब्सेंटिया' की प्रक्रिया को आगे बढ़ाने की अनुमति दी है, जिससे सईद के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जा सकेगी। इस मामले में कई अन्य आरोपियों के नाम भी शामिल हैं, और जांच एजेंसियां आतंकी नेटवर्क के संबंधों को स्पष्ट करने में जुटी हैं।
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नई दिल्ली में जांच में नया मोड़


नई दिल्ली: पहलगाम में हुए आतंकी हमले की जांच अब एक महत्वपूर्ण चरण में पहुंच गई है। जम्मू की विशेष एनआईए अदालत ने इस मामले में लश्कर-ए-तैयबा के प्रमुख हाफिज सईद के खिलाफ गैर-जमानती वारंट जारी किया है। एनआईए का कहना है कि सईद इस हमले की साजिश में एक प्रमुख आरोपी है और वह जानबूझकर कानून से बचने की कोशिश कर रहा है। अदालत के इस आदेश के बाद उसके खिलाफ कानूनी कार्रवाई का दायरा और बढ़ गया है।


हाफिज सईद के खिलाफ अदालत का सख्त रुख

राष्ट्रीय जांच एजेंसी ने अदालत को बताया कि हाफिज सईद, जो पाकिस्तान के पंजाब प्रांत के सरगोधा का निवासी है, लगातार गिरफ्तारी से बचने का प्रयास कर रहा है। एजेंसी ने अदालत से ओपन-डेटेड गैर-जमानती वारंट जारी करने की मांग की ताकि आगे की कानूनी प्रक्रिया को पूरा किया जा सके। विशेष एनआईए अदालत ने इस अनुरोध को स्वीकार करते हुए कहा कि निष्पक्ष और प्रभावी जांच के लिए आरोपी की गिरफ्तारी और पूछताछ आवश्यक है।


अदालत ने वारंट जारी करते हुए इसे एनआईए जम्मू के उपमहानिरीक्षक को कानून के अनुसार कार्रवाई के लिए भेज दिया। एनआईए ने अपनी पूरक चार्जशीट में हाफिज सईद पर भारतीय न्याय संहिता और गैरकानूनी गतिविधि अधिनियम की विभिन्न धाराओं के तहत आरोप लगाए हैं।


'ट्रायल इन एब्सेंटिया' की प्रक्रिया होगी आगे

अदालत के आदेश के बाद हाफिज सईद के खिलाफ 'ट्रायल इन एब्सेंटिया' यानी आरोपी की अनुपस्थिति में मुकदमा चलाने की प्रक्रिया भी आगे बढ़ सकती है। एनआईए ने अदालत को बताया कि सईद वर्तमान में पाकिस्तान में है और उसे भारत लाना संभव नहीं है। नए आपराधिक कानूनों के तहत यदि कोई आरोपी जानबूझकर न्यायिक प्रक्रिया से बचता है, तो अदालत उसके बिना भी मुकदमा आगे बढ़ा सकती है। एजेंसी अब उसे घोषित अपराधी घोषित कराने की प्रक्रिया भी शुरू कर सकती है। इस व्यवस्था का उद्देश्य ऐसे भगोड़ों को कानून से बचने का अवसर न देना है जो देश से बाहर बैठकर गंभीर अपराधों की साजिश रचते हैं।


पहलगाम हमले की जांच में लगातार हो रहे खुलासे

22 अप्रैल को दक्षिण कश्मीर के पहलगाम में हुए आतंकी हमले में 26 लोगों की जान गई थी, जिनमें अधिकांश पर्यटक शामिल थे। इस घटना के बाद पूरे देश में आक्रोश फैल गया और एनआईए ने बड़े पैमाने पर जांच शुरू की। इससे पहले दायर चार्जशीट में पाकिस्तान के आतंकियों सुलेमान, जिब्रान, हमजा अफगानी और साजिद सैफुल्लाह जट्ट को आरोपी बनाया गया था। जांच के दौरान पहलगाम के दो स्थानीय आरोपियों बशीर अहमद और परवेज अहमद के नाम भी सामने आए। अब हाफिज सईद का नाम शामिल होने के बाद जांच एजेंसियां सीमा पार से संचालित आतंकी नेटवर्क और हमले की साजिश के बीच संबंधों को और मजबूत करने में जुटी हैं।