पहाड़ी क्षेत्रों में बर्फबारी, क्या मैदानी इलाकों में जल्द आएगी सर्दी?
पहाड़ों में मौसम का बदलाव
नई दिल्ली - सितंबर का आधा महीना बीत चुका है, लेकिन देश के कई हिस्सों में मानसून की उमस अभी भी बनी हुई है। वहीं, पहाड़ी क्षेत्रों में मौसम ने अचानक बदलाव दिखाया है। हिमाचल प्रदेश के रोहतांग दर्रे और उत्तराखंड के हेमकुंड साहिब में इस सीजन की पहली बर्फबारी हुई है। जम्मू-कश्मीर के ऊंचाई वाले इलाकों में भी बारिश और बर्फबारी का दौर देखने को मिला है।
बर्फबारी का प्रभाव
हालांकि, पहाड़ों पर हुई बर्फबारी को सीधे तौर पर मैदानी इलाकों में सर्दी की जल्द शुरुआत का संकेत मानना जल्दबाजी होगी। भारत मौसम विज्ञान विभाग के अनुसार, हिमाचल प्रदेश में अगले कुछ दिनों के लिए कोई चेतावनी नहीं है, जबकि पंजाब, हरियाणा-चंडीगढ़-दिल्ली और जम्मू-कश्मीर में 17-18 सितंबर को गरज-चमक और आंधी-तूफान की चेतावनी दी गई है।
रोहतांग दर्रे पर बर्फबारी
हिमाचल प्रदेश के मनाली क्षेत्र में मौसम में बदलाव के साथ रोहतांग दर्रे पर इस सीजन की पहली बर्फबारी हुई है। लगभग 13,050 फीट की ऊंचाई पर चार इंच बर्फ गिरने की सूचना है। इसके अलावा, शिंकुला और बारालाचा दर्रों पर भी करीब पांच इंच तक बर्फबारी दर्ज की गई। अचानक हुई बर्फबारी ने ऊंचे पहाड़ी इलाकों का नजारा बदल दिया है।
हेमकुंड साहिब में बर्फबारी
उत्तराखंड के 15,000 फीट की ऊंचाई पर स्थित श्री हेमकुंड साहिब में भी 17 सितंबर को इस सीजन की पहली बर्फबारी हुई। बर्फबारी के साथ बारिश भी हुई, जिससे पूरा क्षेत्र सफेद चादर से ढक गया।
कश्मीर में मौसम का बदलाव
जम्मू-कश्मीर के ऊंचाई वाले क्षेत्रों में भी मौसम में बदलाव देखने को मिला है। गुलमर्ग और अन्य ऊंचे इलाकों में बारिश के साथ ठंड का असर बढ़ा है। मौसम विभाग के आंकड़ों के अनुसार, 16 सितंबर को गुलमर्ग का न्यूनतम तापमान 5.8°C दर्ज किया गया।
क्या मैदानी इलाकों में आएगी जल्दी सर्दी?
पहाड़ों पर बर्फबारी देखकर मैदानी इलाकों में रहने वाले लोगों के बीच यह सवाल उठना स्वाभाविक है कि क्या इस बार ठंड जल्दी दस्तक देगी। लेकिन फिलहाल IMD के पूर्वानुमान को देखते हुए ऐसा निष्कर्ष निकालना जल्दबाजी होगी।
बर्फबारी का मौसम पर प्रभाव
पहाड़ों में पहली बर्फबारी ने मौसम का मिजाज बदलने का संकेत दे दिया है। रोहतांग, हेमकुंड साहिब और कश्मीर के ऊंचाई वाले इलाकों में सफेद चादर बिछने के साथ ठंड का एहसास बढ़ गया है। लेकिन मैदानी क्षेत्रों में असली सर्दी कब शुरू होगी, यह आने वाले हफ्तों के मौसम पर निर्भर करेगा।
