पाकिस्तान की युद्ध चेतावनी: सिंधु जल विवाद के बीच सैन्य तैयारियों में तेजी
भारत के कड़े रुख से पाकिस्तान की चिंता
नई दिल्ली/इस्लामाबाद: पहलगाम में हुए आतंकी हमले के बाद भारत ने सिंधु जल संधि को निलंबित कर दिया है, जिससे पाकिस्तान की चिंताएं बढ़ गई हैं। पाकिस्तान के रक्षा मंत्री ख्वाजा आसिफ ने जल सुरक्षा को खतरे में बताते हुए भारत के खिलाफ युद्ध छेड़ने की धमकी दी है। इस बीच, पाकिस्तान की सेना नियंत्रण रेखा (LoC) पर अपनी सैन्य तैयारियों को बढ़ा रही है।
पाकिस्तान की सैन्य तैनाती
सूत्रों के अनुसार, पाकिस्तान ने एलओसी पर अपनी 8 ब्रिगेड के तहत 35 एंटी-ड्रोन यूनिट तैनात की हैं। इसके अलावा, कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) आधारित फेंसिंग, उन्नत निगरानी प्रणाली, इलेक्ट्रॉनिक युद्ध और काउंटर-ड्रोन ग्रिड भी सक्रिय किए गए हैं। जानकारी के अनुसार, पाकिस्तान ने अफगानिस्तान सीमा से पांच बटालियनों को हटाकर रावलाकोट, कोटली और भीम्बर सेक्टर में तैनात किया है, जहां अतीत में आतंकियों की घुसपैठ होती रही है।
चीन और तुर्किये से मिल रही सैन्य सहायता
ऑपरेशन सिंदूर के बाद, चीन ने पाकिस्तान को 36 मल्टी-रोल जे-सीरीज लड़ाकू विमानों की आपूर्ति की है। मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, चीन का अत्याधुनिक जे-35 स्टील्थ फाइटर जेट भी इस वर्ष के अंत तक पाकिस्तान को मिल सकता है।
इसके अलावा, तुर्किये पाकिस्तान के साथ रक्षा सहयोग को और मजबूत कर रहा है। कराची के पास एक कॉम्बैट ड्रोन असेंबली प्लांट स्थापित किया जा रहा है, जहां प्रतिवर्ष लगभग 700 ड्रोन तैयार किए जाएंगे। पाकिस्तान ने इन ड्रोन के निर्यात के लिए बांग्लादेश के साथ भी समझौता किया है। तुर्किये पाकिस्तान के लिए MILGEM श्रेणी की पनडुब्बियां भी तैयार कर रहा है, जिनकी डिलीवरी वर्ष के अंत तक होने की संभावना है।
भारत के खिलाफ युद्ध का विकल्प
पाकिस्तान के रक्षा मंत्री ख्वाजा आसिफ ने एक टीवी इंटरव्यू में कहा कि यदि पाकिस्तान को यह महसूस होता है कि उसकी जल सुरक्षा खतरे में है, तो वह भारत के खिलाफ युद्ध का विकल्प भी चुन सकता है। उन्होंने आरोप लगाया कि भारत सिंधु नदी प्रणाली के जल प्रवाह को प्रभावित कर रहा है और इसे रणनीतिक हथियार के रूप में इस्तेमाल कर रहा है। हालांकि, आसिफ ने यह भी स्वीकार किया कि पिछले एक वर्ष में इस मुद्दे पर हुए घटनाक्रमों की उन्हें पूरी जानकारी नहीं है।
पहलगाम हमले के बाद भारत का कड़ा रुख
यह ध्यान देने योग्य है कि अप्रैल 2025 में पहलगाम में हुए आतंकी हमले में 26 लोगों की मौत के बाद भारत ने 1960 की सिंधु जल संधि को निलंबित कर दिया था। भारत का स्पष्ट कहना है कि जब तक पाकिस्तान सीमा पार आतंकवाद के खिलाफ ठोस और विश्वसनीय कार्रवाई नहीं करता, तब तक संधि बहाल नहीं की जाएगी।
