पाकिस्तान ने कराची हमले का आरोप भारत पर लगाया, भारत ने किया खारिज
कराची हमले का विवाद
पाकिस्तान ने हाल ही में कराची में हुए एक हमले के लिए भारत को जिम्मेदार ठहराया है। पाकिस्तान की सेना ने एक बयान में इस हमले के पीछे भारतीय एजेंटों का हाथ बताया, लेकिन इसके समर्थन में कोई ठोस सबूत पेश नहीं किया। भारतीय विदेश मंत्रालय ने रविवार को इन आरोपों को पूरी तरह से बेबुनियाद करार दिया और कहा कि पाकिस्तान को अपने आतंकी ढांचे को समाप्त करने पर ध्यान केंद्रित करना चाहिए।
भारत का प्रतिक्रिया
विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने कहा, 'हमने कराची में हाल में हुई घटना को लेकर पाकिस्तान द्वारा लगाए गए आरोपों को देखा है। हम इन सभी आरोपों को सिरे से खारिज करते हैं। पाकिस्तान को दूसरों पर उंगली उठाने के बजाय अपने गिरेबान में झांकना चाहिए और अपनी जमीन पर मौजूद आतंकवाद के खिलाफ ठोस कदम उठाने चाहिए।'
हमले की जानकारी
शनिवार की रात, हथियारबंद लोगों ने कराची में रेंजर्स मुख्यालय पर हमला किया, जिसमें तीन रेंजर्स की मौत हो गई। पुलिस के अनुसार, हमले के दौरान चार हमलावर भी मारे गए। यह मुख्यालय गुलिस्तान-ए-जौहर में स्थित है। हमले से पहले एक व्यक्ति ने विस्फोटक से भरी गाड़ी से टक्कर मारी, जिससे जोरदार धमाका हुआ। कुछ समय बाद, जमात-उल-अहरार ने इस हमले की जिम्मेदारी ली, जो पहले तहरीक-ए-तालिबान पाकिस्तान का हिस्सा रह चुका है।
पाकिस्तान की सेना की कार्रवाई
पाकिस्तान की सेना ने एक बयान में कहा कि सुरक्षा बलों ने तीन हमलावरों को मार गिराया और चौथे को घायल अवस्था में पकड़ लिया। गिरफ्तार संदिग्ध की पहचान एक अफगान नागरिक के रूप में हुई है। पाकिस्तान ने इस हमले के लिए जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई करने की बात कही है। वहीं, आतंकी संगठन का दावा है कि इस घटना में नौ हमलावर शामिल थे।
आतंकवाद की बढ़ती घटनाएं
हाल के दिनों में पाकिस्तान में आतंकवादी घटनाओं में तेजी आई है। पाकिस्तान ने अफगानिस्तान पर आतंकियों को शरण देने का आरोप लगाया है और कहा है कि वहां होने वाले हमलों के लिए अफगानिस्तान जिम्मेदार है। पिछले कुछ वर्षों में, पाकिस्तान की सेना ने कई बार अफगानिस्तान में बमबारी की है, लेकिन तालिबान सरकार ने इन आरोपों को खारिज किया है। एक नया चलन यह भी है कि पाकिस्तान बिना सबूत के हर हमले में भारत का नाम जोड़ देता है।
