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पाकिस्तान में अफगान डॉक्टरों की गिरफ्तारी: वीजा विवाद के चलते कार्रवाई

पाकिस्तान के मुल्तान में पुलिस ने 13 अफगान डॉक्टरों और एक मेडिकल छात्र को गिरफ्तार कर डिपोर्टेशन सेंटर भेज दिया है। ये सभी एक वर्ष से वीजा के लिए आवेदन किए हुए थे, लेकिन कोई निर्णय नहीं लिया गया। डॉक्टरों ने चिंता जताई है कि उन्हें मेडिकल प्रशिक्षण पूरा होने से पहले ही अफगानिस्तान भेजा जा सकता है। इस कार्रवाई के पीछे पाकिस्तान में अवैध रूप से रह रहे विदेशी नागरिकों के खिलाफ चल रहे अभियान का हाथ है। जानें इस मामले की पूरी जानकारी और इसके पीछे की वजहें।
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मुल्तान में अफगान डॉक्टरों की गिरफ्तारी

काबुल: पाकिस्तान के मुल्तान शहर में पुलिस ने 13 अफगान चिकित्सकों और एक मेडिकल छात्र को हिरासत में लिया है और उन्हें डिपोर्टेशन सेंटर भेज दिया है। स्थानीय मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, इन सभी ने लगभग एक वर्ष पहले वीजा के लिए आवेदन किया था, लेकिन उनके मामलों पर कोई निर्णय नहीं लिया गया था।


मंगलवार को गिरफ्तार किए गए डॉक्टरों ने बताया कि उन्हें मुल्तान के एक सरकारी अस्पताल से पकड़ा गया और अटक स्थित निरुद्ध केंद्र में भेजा गया, जहां से उन्हें अफगानिस्तान भेजा जा सकता है। अफगान समाचार एजेंसी खामा प्रेस के अनुसार, इन लोगों ने नए वीजा या वीजा विस्तार के लिए आवेदन किया था, लेकिन पाकिस्तानी अधिकारियों ने अब तक कोई कार्रवाई नहीं की।


गिरफ्तार किए गए डॉक्टरों में से पांच ने नए वीजा के लिए आवेदन किया था, जबकि अन्य ने अपने मौजूदा वीजा के विस्तार का अनुरोध किया था। उनका कहना है कि पिछले एक वर्ष में पाकिस्तानी पुलिस और सुरक्षा एजेंसियों ने बार-बार उनके दस्तावेजों की जांच की, लेकिन उनके आव्रजन मामलों पर कोई आधिकारिक निर्णय नहीं हुआ।


डॉक्टरों ने चिंता व्यक्त की है कि उन्हें मेडिकल प्रशिक्षण कार्यक्रम पूरा होने से पहले ही अफगानिस्तान भेजा जा सकता है। उन्होंने पाकिस्तान और अफगान सरकारों से अपील की है कि उन्हें अपनी पढ़ाई पूरी करने तक पाकिस्तान में रहने की अनुमति दी जाए।


यह कार्रवाई उस समय हुई है जब पाकिस्तान अवैध रूप से रह रहे विदेशी नागरिकों, विशेषकर अफगान नागरिकों, के खिलाफ अभियान तेज कर रहा है। हाल के महीनों में देशभर में हिरासत और निर्वासन की कार्रवाई में तेजी आई है।


इस बीच, खैबर पख्तूनख्वा प्रांत के बन्नू जिले में तीन शरणार्थी शिविरों को खाली कराकर 525 अफगान परिवारों को उनके देश वापस भेज दिया गया है।


अतिरिक्त उपायुक्त उमर खिताब खान ने बताया कि खैबर पख्तूनख्वा सरकार के निर्देशों के अनुसार अफगान शरणार्थियों की चरणबद्ध वापसी की जा रही है। पाकिस्तानी दैनिक डॉन के अनुसार, बिजान खेल, घोरीवाला और ममंद खेल शरणार्थी शिविरों में रह रहे 525 अफगान परिवारों को तोरखम सीमा चौकी के रास्ते अफगानिस्तान भेजा गया।


एडीसी ने बताया कि अब प्रशासन का ध्यान उन अफगान नागरिकों पर है जो बन्नू और आसपास के क्षेत्रों में किराए के मकानों या निजी आवासों में रह रहे हैं।


28 जून को पाकिस्तान के गृह मंत्रालय ने आदेश जारी किया था कि 10 जुलाई से बिना वैध वीजा के देश में रहने वाले किसी भी अफगान नागरिक को तुरंत गिरफ्तार किया जाए।


पाकिस्तान ने 2023 में शुरू किए गए निर्वासन अभियान को पिछले वर्ष अप्रैल में फिर से तेज किया था। उस समय सरकार ने लाखों अफगान नागरिकों के निवास परमिट रद्द कर दिए थे और चेतावनी दी थी कि देश नहीं छोड़ने पर उन्हें गिरफ्तार किया जाएगा।