पाकिस्तान में आतंकियों के बीच अज्ञात हमलावरों का खौफ बढ़ा
इस्लामाबाद में लश्कर-ए-तैयबा के कमांडर की संदिग्ध मौत
इस्लामाबाद: भारत के दुश्मनों और कश्मीर घाटी में अशांति फैलाने वाले आतंकियों का पाकिस्तान में सफाया जारी है। हाल ही में, लश्कर-ए-तैयबा के एक वरिष्ठ कमांडर की इस्लामाबाद में एक मस्जिद के बाहर संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई है। इस घटना ने पाकिस्तानी खुफिया एजेंसियों और वहां के आतंकियों के आकाओं में हड़कंप मचा दिया है।
मस्जिद के बाहर अचानक गिरा कमांडर
जानकारी के अनुसार, कारी सईद अब्दुल अजीज, लश्कर-ए-तैयबा का एक प्रमुख कमांडर, नमाज अदा करने के लिए कुबा मस्जिद पहुंचने से पहले एक अनजान रेस्टोरेंट में खाना खा रहा था। जैसे ही वह मस्जिद के गेट पर पहुंचा, वह अचानक गिर पड़ा और उसकी मौत हो गई। हालांकि, मौत का असली कारण अभी स्पष्ट नहीं है, लेकिन जहर दिए जाने की आशंका जताई जा रही है। कारी सईद संगठन में एक महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा था और वह उन आतंकियों के परिवारों को आर्थिक सहायता प्रदान करने वाले विंग का इंचार्ज था, जो भारतीय सुरक्षाबलों के साथ मुठभेड़ में मारे गए थे।
लश्कर के बीच खलबली
कारी सईद की रहस्यमयी मौत ने आतंकियों के बीच खलबली मचा दी है। यह घटना ऐसे समय में हुई है जब लश्कर के एक बड़े सदस्य ने पाकिस्तान में अज्ञात हमलावरों के खौफ को सार्वजनिक रूप से स्वीकार किया है। रिजवान हनीफ नामक लश्कर ऑपरेटिव ने हाल ही में एक वीडियो में दावा किया कि पिछले कुछ वर्षों में पाकिस्तान और पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर में उनके संगठन के लगभग 30 सदस्यों को अज्ञात लोगों ने मार डाला है। यह पहली बार है जब लश्कर-ए-तैयबा से जुड़े किसी आतंकवादी ने इन हमलों की बात सार्वजनिक रूप से स्वीकार की है।
मुंबई हमलों के गुनहगार आतंकियों में खौफ
2008 के मुंबई आतंकी हमलों के लिए जिम्मेदार लश्कर-ए-तैयबा अब अपने ही गढ़ में सुरक्षित नहीं रह पा रहा है। रिजवान हनीफ के बयान ने स्पष्ट किया है कि पेशावर, कराची, रावलपिंडी, रावालाकोट और मुजफ्फराबाद जैसे शहरों में अज्ञात हमलावरों ने लश्कर के नेटवर्क को निशाना बनाया है। संयुक्त राष्ट्र ने 2005 में लश्कर-ए-तैयबा पर प्रतिबंध लगाया था, और अब इस संगठन के बड़े चेहरों का सफाया हो रहा है, जिससे पाकिस्तान में आतंकियों की नींद हराम हो गई है।
