पाकिस्तान में ऑपरेशन सिंदूर पर नूरीन नियाजी के दावे से मचा हड़कंप
पाकिस्तान में नई राजनीतिक हलचल
नई दिल्ली: भारत के ऑपरेशन सिंदूर को लेकर पाकिस्तान में एक बार फिर से चर्चाएँ तेज हो गई हैं। पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान की बहन, नूरीन नियाजी, ने एक ऐसा दावा किया है, जिसने वहां के सैन्य और राजनीतिक नेतृत्व को सवालों के घेरे में ला दिया है। उनका कहना है कि भारतीय कार्रवाई के दौरान पाकिस्तान की सेना पर भारी दबाव बना था, जिससे नेतृत्व को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सहायता और समझौते की तलाश करनी पड़ी।
पाकिस्तान की सेना की स्थिति
नूरीन नियाजी ने एक इंटरव्यू में कहा कि ऑपरेशन सिंदूर के दौरान पाकिस्तान की सेना भारतीय सैन्य कार्रवाई का सामना करने में असफल रही। उनके अनुसार, भारतीय हमलों के बाद पाकिस्तान ने स्थिति को नियंत्रित करने का प्रयास किया, लेकिन सैन्य रणनीति अपेक्षित परिणाम नहीं दे सकी। उन्होंने यह भी कहा कि रावलपिंडी स्थित सैन्य मुख्यालय में चिंता का माहौल बन गया था।
अंतरराष्ट्रीय सहायता की मांग
नियाजी ने आरोप लगाया कि बढ़ते दबाव के बीच पाकिस्तान के नेतृत्व ने वैश्विक शक्तियों से भारत के साथ तनाव कम करने में मदद मांगी। उनके अनुसार, उस समय अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप भी कुछ शर्तों के साथ बातचीत के लिए तैयार हुए। हालांकि, इन दावों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है और पाकिस्तान सरकार या सेना की ओर से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है।
भारत की सैन्य कार्रवाई में कमी
नियाजी ने कहा कि भारत के इजरायल के साथ मजबूत संबंधों के चलते पाकिस्तान के सामने कुछ कूटनीतिक शर्तें रखी गईं। उन्होंने यह भी बताया कि सैन्य दबाव के कारण पाकिस्तान का नेतृत्व कुछ कठिन निर्णय लेने के लिए तैयार हो गया था। इसके साथ ही, दक्षिण एशिया की बदलती परिस्थितियों को देखते हुए भारत ने अपनी सैन्य कार्रवाई की तीव्रता कम कर दी।
पाकिस्तान की जीत का प्रचार
नूरीन नियाजी ने पाकिस्तान के सेना प्रमुख आसिम मुनीर और प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ पर भी आरोप लगाया कि उन्होंने संघर्ष समाप्त होने के बाद इसे पाकिस्तान की जीत के रूप में पेश किया, जबकि वास्तविकता इससे भिन्न थी। उनके अनुसार, सरकार और सैन्य नेतृत्व जनता के बीच अपनी छवि को मजबूत करने के लिए ऐसा प्रचार कर रहे हैं।
पुनरावृत्ति के दावे
यह पहली बार नहीं है जब पाकिस्तान के किसी प्रमुख राजनीतिक चेहरे ने ऑपरेशन सिंदूर को लेकर ऐसे दावे किए हैं। इससे पहले भी कुछ नेताओं और विश्लेषकों ने सैन्य कार्रवाई के दौरान बने दबाव का उल्लेख किया है, लेकिन इन बयानों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हो सकी है।
ऑपरेशन सिंदूर का उद्देश्य
भारत ने पहलगाम में हुए आतंकी हमले के जवाब में ऑपरेशन सिंदूर शुरू किया था। इस अभियान के तहत भारतीय वायुसेना ने पाकिस्तान और पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर (पीओके) में कई संदिग्ध आतंकी ठिकानों को निशाना बनाया। इसके बाद पाकिस्तान ने भी जवाबी कार्रवाई की कोशिश की, लेकिन भारतीय सुरक्षा तंत्र ने उसका मुकाबला किया। दोनों देशों के बीच तनाव के दौरान सीमा पर कई सैन्य गतिविधियाँ देखने को मिलीं। ऑपरेशन सिंदूर को भारत ने आतंकवाद के खिलाफ अपनी सख्त नीति का हिस्सा बताया था।
