पाकिस्तानी क्रिकेटर मोहम्मद नवाज पर डोपिंग का आरोप, ICC ने लगाया तीन महीने का बैन
डोपिंग विवाद में फंसे मोहम्मद नवाज
दुबई: पाकिस्तान क्रिकेट में एक बार फिर से बड़ा विवाद उत्पन्न हुआ है। टीम के प्रमुख ऑलराउंडर मोहम्मद नवाज को डोपिंग का दोषी ठहराया गया है। इस चौंकाने वाले खुलासे के बाद, इंटरनेशनल क्रिकेट काउंसिल (ICC) ने नवाज पर तीन महीने का प्रतिबंध लगा दिया है। ICC ने 17 जुलाई को एक प्रेस रिलीज जारी कर बताया कि नवाज टी20 वर्ल्ड कप 2026 के दौरान डोप टेस्ट में फेल हो गए थे। नवाज पूरे टूर्नामेंट में पाकिस्तान टीम के महत्वपूर्ण सदस्य थे, जिससे यह कार्रवाई सभी के लिए हैरान करने वाली रही।
नीदरलैंड के खिलाफ पहले मैच में हुआ खुलासा
ICC द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार, मोहम्मद नवाज का डोप टेस्ट भारत और श्रीलंका में आयोजित टी20 वर्ल्ड कप 2026 के दौरान हुआ था। पाकिस्तान का पहला मैच 7 फरवरी को कोलंबो में नीदरलैंड के खिलाफ खेला गया था। मैच के तुरंत बाद, नवाज का सैंपल वर्ल्ड डोपिंग नियमों के तहत लिया गया। जांच रिपोर्ट में प्रतिबंधित पदार्थ 'कारबॉक्सी-टीएचसी' की उच्च मात्रा पाई गई, जो ICC के एंटी-डोपिंग कोड का गंभीर उल्लंघन है।
नवाज ने स्वीकार की गलती, लेकिन प्रदर्शन बढ़ाने से किया इनकार
डोप टेस्ट में फंसने के बाद, 32 वर्षीय पाकिस्तानी स्पिनर ने अपनी गलती स्वीकार कर ली है। हालांकि, उन्होंने यह भी कहा कि उन्होंने इस प्रतिबंधित पदार्थ का सेवन टूर्नामेंट शुरू होने से पहले किया था। नवाज ने जोर देकर कहा कि उनका इरादा किसी भी तरह से अपने खेल प्रदर्शन को बढ़ाना नहीं था।
सजा के साथ-साथ रिकॉर्ड्स भी हुए रद्द
ICC ने नियमों के उल्लंघन के लिए नवाज पर 1 मई 2026 से तीन महीने का बैन लगाया है। नवाज ने अपनी गलती मानते हुए ICC के डोपिंग रिहैबिलिटेशन प्रोग्राम में भाग लेने का निर्णय लिया है। इस कदम के चलते उन्हें सजा में थोड़ी राहत मिली है और उनका बैन ढाई महीने में समाप्त माना गया है। लेकिन इस विवाद का सबसे गंभीर पहलू यह है कि नीदरलैंड के खिलाफ मैच से लेकर 1 मई तक नवाज द्वारा खेले गए सभी मैचों में उनके बनाए गए रन, लिए गए विकेट और पकड़े गए कैच के रिकॉर्ड हमेशा के लिए रद्द कर दिए गए हैं।
