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पानीपत में असुरक्षित इमारतों के खिलाफ प्रशासन की सख्त कार्रवाई

पानीपत प्रशासन ने असुरक्षित इमारतों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की है। दिल्ली में एक इमारत के गिरने के बाद, नगर निगम ने 10 जर्जर इमारतों की पहचान की है और उनके मालिकों को मरम्मत या गिराने के लिए 10 दिन का समय दिया है। यदि समय सीमा के भीतर कोई कदम नहीं उठाया गया, तो निगम खुद कार्रवाई करेगा। इस लेख में पानीपत में जर्जर इमारतों की स्थिति, नगर निगम की कार्रवाई और दुकानदारों को दिए गए नोटिसों के बारे में जानकारी दी गई है।
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पानीपत में असुरक्षित इमारतों पर कार्रवाई


पानीपत प्रशासन की कार्रवाई: दिल्ली में एक जर्जर इमारत के गिरने के बाद पानीपत प्रशासन ने भी असुरक्षित इमारतों के खिलाफ सख्त कदम उठाने का निर्णय लिया है। नगर निगम ने 10 खस्ताहाल इमारतों की पहचान की है, जिनके मालिकों को इन्हें गिराने या मरम्मत करने के लिए 10 दिन का समय दिया गया है। यदि इस अवधि में कोई कार्रवाई नहीं की जाती है, तो निगम खुद इन इमारतों को गिराने का कार्य करेगा।


पहले दिए गए नोटिस


नगर निगम के कमिश्नर डॉ. पंकज यादव ने बताया कि इन इमारतों के मालिकों को पहले ही दो नोटिस जारी किए जा चुके हैं। यदि अब भी कोई कदम नहीं उठाया गया, तो यह अंतिम चेतावनी है। अधिकारियों का कहना है कि किसी भी जर्जर भवन में गतिविधियों की अनुमति नहीं दी जाएगी, क्योंकि यह लोगों की सुरक्षा के लिए खतरा है। पानीपत में जर्जर इमारतों की समस्या पहले भी उठती रही है, जहां लगभग 24 जर्जर मकान और व्यावसायिक इमारतें हैं।


नगर निगम कार्यालय की इमारत भी असुरक्षित


पानीपत में नगर निगम की एक इमारत को भी असुरक्षित घोषित किया गया है, जहां नगर निगम की कुछ शाखाएं संचालित होती हैं। पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट में दर्ज एक मामले में इस इमारत को मानव उपयोग के लिए असुरक्षित बताया गया है। नगर निगम ने सुरक्षा के मद्देनजर कई शाखाओं को नई इमारत में स्थानांतरित कर दिया है।


दुकानों को भी खाली कराने के नोटिस


पालिका बाजार की जर्जर इमारत के नीचे स्थित दुकानों के लिए भी नगर निगम ने कार्रवाई शुरू की है। दुकानदारों को भवन खाली करने के लिए नोटिस दिए गए हैं। प्रशासन का तर्क है कि जब भवन को असुरक्षित घोषित किया गया है, तो वहां लोगों की आवाजाही जारी रखना खतरनाक हो सकता है।


जर्जर मकान में चल रहा कोचिंग सेंटर


शहर के अन्य हिस्सों में भी कुछ जर्जर इमारतों में व्यावसायिक गतिविधियों की जानकारी मिली है। बाल विकास के पास स्थित एक मकान में पिछले 20-25 वर्षों से कोचिंग सेंटर चल रहा है, जबकि इसे नगर निगम द्वारा खंडहर घोषित किया जा चुका है। मकान मालिक का कहना है कि किरायेदारों को कई बार भवन खाली करने के लिए कहा गया है, लेकिन वे इसे खाली नहीं कर रहे हैं।