पानीपत में चिकित्सा लापरवाही का मामला: महिला की मौत के बाद परिवार ने किया हंगामा
पानीपत में चिकित्सा लापरवाही का मामला
पानीपत चिकित्सा लापरवाही मामला: हरियाणा के पानीपत में एक गंभीर चिकित्सा लापरवाही का मामला सामने आया है। जीटी रोड पर स्थित पार्क अस्पताल में एक महिला को सड़क दुर्घटना के बाद भर्ती कराया गया था। परिवार के अनुसार, महिला का पैर टूट गया था, लेकिन इलाज के दौरान उसकी मृत्यु हो गई। परिवार ने अस्पताल और डॉक्टरों पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उनका कहना है कि डॉक्टरों ने पैर की चोट का इलाज करने के बजाय हार्ट में स्टेंट डालने का निर्णय लिया। आरोप है कि इसके लिए परिवार से अनुमति नहीं ली गई और सहमति पत्र पर फर्जी हस्ताक्षर किए गए। परिवार का दावा है कि महिला को हड्डी के उपचार की आवश्यकता थी, लेकिन अस्पताल ने हार्ट का ऑपरेशन किया, जिससे उसकी स्थिति बिगड़ गई और उसकी मृत्यु हो गई।
परिजनों ने अस्पताल में किया हंगामा
इस मामले में एक बड़ा सवाल यह है कि जब महिला सड़क दुर्घटना में पैर की हड्डी टूटने के कारण अस्पताल पहुंची थी, तो हार्ट से संबंधित प्रक्रिया की आवश्यकता क्यों पड़ी। अस्पताल की ओर से अभी तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है। महिला की मृत्यु की सूचना मिलते ही परिवार और अन्य लोग अस्पताल पहुंचे और हंगामा किया। परिजनों ने डॉक्टरों और अस्पताल प्रशासन पर लापरवाही, मिलीभगत और धमकाने के आरोप लगाए। उनका कहना है कि जब उन्होंने सवाल उठाए, तो उन्हें संतोषजनक उत्तर देने के बजाय दबाव बनाने की कोशिश की गई। यह मामला एक बार फिर निजी अस्पतालों में चिकित्सा प्रक्रिया को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर रहा है।
परिजनों ने पुलिस को दी शिकायत
पीड़ित परिवार ने इस मामले की लिखित शिकायत थाना सेक्टर-29 पुलिस को दी है। शिकायत के आधार पर पुलिस ने अस्पताल के संबंधित डॉक्टरों के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। पुलिस का कहना है कि सभी दस्तावेजों, मेडिकल रिकॉर्ड और उपचार प्रक्रिया की जांच की जाएगी। यदि जांच में किसी भी प्रकार की लापरवाही या नियमों का उल्लंघन पाया जाता है, तो दोषियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी। अब सभी की निगाहें पुलिस जांच और स्वास्थ्य विभाग की कार्रवाई पर टिकी हैं, ताकि यह स्पष्ट हो सके कि महिला की मृत्यु किसी चिकित्सा कारण से हुई या फिर इलाज में लापरवाही इसका कारण बनी।
रोहतक से भी सामने आया था ऐसा मामला
रोहतक से भी हाल ही में ऐसा ही एक मामला सामने आया था। रोहतक के सनसिटी स्थित एक निजी अस्पताल में एक युवक के दाएं कूल्हे में समस्या थी, लेकिन डॉक्टरों ने बाएं कूल्हे का ऑपरेशन कर दिया। पीड़ित संदीप की पत्नी हेमलता ने आरोप लगाया कि 11 जुलाई को बिजली के पोल से गिरने के कारण संदीप के दाएं कूल्हे, पसलियों और लीवर में गंभीर चोटें आई थीं। जांच रिपोर्ट और एक्स-रे में दाएं कूल्हे में चोट की पुष्टि होने के बावजूद 18 जुलाई को डॉक्टरों ने गलती से बाएं कूल्हे का ऑपरेशन कर दिया।
