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पानीपत सिविल अस्पताल में डॉक्टरों की कमी, नई नियुक्तियों के बावजूद स्थिति गंभीर

पानीपत सिविल अस्पताल में डॉक्टरों की कमी को दूर करने के लिए हाल ही में नए मेडिकल ऑफिसर्स की नियुक्ति की गई है। हालांकि, अस्पताल में नियमित फिजिशियन और रेडियोलॉजिस्ट की कमी अब भी बनी हुई है, जिससे मरीजों की जांच और इलाज पर असर पड़ रहा है। अस्पताल में प्रतिदिन 1500 से 2000 मरीज आते हैं, और विशेषज्ञ डॉक्टरों की कमी के कारण स्थिति गंभीर बनी हुई है। जानें इस मुद्दे पर विस्तृत जानकारी और अस्पताल की वर्तमान स्थिति के बारे में।
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पानीपत सिविल अस्पताल में डॉक्टरों की कमी


पानीपत के सिविल अस्पताल में डॉक्टरों की कमी को दूर करने के लिए नए मेडिकल ऑफिसर्स (MO) की नियुक्ति की गई है। हालांकि, अस्पताल में डॉक्टरों की कमी अभी भी बनी हुई है। सामान्य चिकित्सा सेवाओं के लिए मेडिकल ऑफिसर्स की संख्या में वृद्धि हुई है, लेकिन नियमित फिजिशियन और रेडियोलॉजिस्ट की कमी अब भी एक गंभीर मुद्दा है। अस्पताल में प्रतिदिन लगभग 1500 से 2000 मरीजों की ओपीडी होती है, जिससे मरीजों की जांच और इलाज पर नकारात्मक प्रभाव पड़ता है।


23 नए मेडिकल ऑफिसर्स की नियुक्ति

सीएमओ डॉ. विजय मलिक के अनुसार, पानीपत जिले के लिए 23 नए मेडिकल ऑफिसर्स की नियुक्ति की गई है। इनमें से 14 डॉक्टर अपनी ड्यूटी जॉइन कर चुके हैं। जॉइन करने वाले चिकित्सकों में से दो को सिविल अस्पताल पानीपत, छह को समालखा, दो को बापोली सीएचसी, एक को कुटपुरा और चार को अन्य स्वास्थ्य केंद्रों में तैनात किया गया है। नई नियुक्तियों के बाद सिविल अस्पताल में डॉक्टरों की संख्या लगभग 53 हो गई है, जिससे सामान्य मरीजों की ओपीडी और अन्य चिकित्सा सेवाओं में कुछ राहत मिलने की उम्मीद है।


फिजिशियन की कमी और व्यवस्थाएं

सिविल अस्पताल में मेडिसिन विभाग के लिए नियमित फिजिशियन की कमी बनी हुई है। सीएमओ के अनुसार, फिलहाल फैमिली मेडिसिन और इमरजेंसी मेडिसिन के डॉक्टरों के माध्यम से मरीजों का इलाज किया जा रहा है। हालांकि, बड़ी संख्या में मरीजों को देखते हुए विशेषज्ञ मेडिसिन चिकित्सक की आवश्यकता बनी हुई है। इससे पहले भी पानीपत के सिविल अस्पताल में डॉक्टरों की कमी और मरीजों के भारी दबाव की रिपोर्ट सामने आई है।


रेडियोलॉजिस्ट की कमी और मशीनों की स्थिति

अस्पताल में मरीजों की जांच के लिए आधुनिक उपकरण उपलब्ध हैं, लेकिन रेडियोलॉजिस्ट की कमी विशेषज्ञ जांच की सुविधा को प्रभावित कर रही है। मशीनें और तकनीकी संसाधन मौजूद हैं, लेकिन उन्हें संचालित करने के लिए आवश्यक मानव संसाधन की कमी है। सीएमओ के अनुसार, प्रदेश मुख्यालय ने जिले में नए रेडियोलॉजिस्ट की नियुक्ति का आश्वासन दिया है, जिससे अस्पताल की रेडियोलॉजी सेवाओं को मजबूती मिलने की उम्मीद है।


स्वीकृत पदों की स्थिति

उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार, जिले के विभिन्न सरकारी स्वास्थ्य संस्थानों में डॉक्टरों के कुल 189 पद स्वीकृत हैं। नई नियुक्तियों से पहले लगभग 117 डॉक्टर तैनात थे। 14 नए मेडिकल ऑफिसर्स के जॉइन करने के बाद यह संख्या लगभग 138 तक पहुंच गई है। इसके बावजूद, लगभग 56 पद अभी भी रिक्त हैं। यह स्पष्ट है कि नए मेडिकल ऑफिसर्स की नियुक्ति से स्टाफ की संख्या में सुधार हुआ है, लेकिन स्वीकृत पदों और वास्तविक तैनाती के बीच का अंतर अभी भी बना हुआ है।