पासपोर्ट: भारतीय नागरिकता का प्रमाण नहीं, विदेश मंत्रालय का स्पष्ट बयान
पासपोर्ट की भूमिका पर विदेश मंत्रालय का स्पष्टीकरण
भारत में यह अक्सर चर्चा का विषय रहता है कि क्या पासपोर्ट को भारतीय नागरिकता का ठोस प्रमाण माना जा सकता है। इस पर विदेश मंत्रालय ने स्पष्ट रूप से उत्तर दिया है। मंत्रालय के अनुसार, पासपोर्ट को नागरिकता का प्रमाण पत्र समझना उचित नहीं है। अधिकारियों ने बताया कि पासपोर्ट वास्तव में एक यात्रा दस्तावेज है, जिसका उपयोग विदेश यात्रा के दौरान किसी भारतीय की पहचान और राष्ट्रीयता को दर्शाने के लिए किया जाता है। यह जानकारी पासपोर्ट सेवा दिवस के अवसर पर साझा की गई।
पासपोर्ट जारी करने की प्रक्रिया
अधिकारियों ने बताया कि पासपोर्ट जारी करने से पहले कई स्तरों पर गहन जांच की जाती है। इस प्रक्रिया में विभिन्न सरकारी एजेंसियों से संबंधित दस्तावेजों और जानकारियों का मिलान और सत्यापन किया जाता है। सभी प्रक्रियाएं पूरी होने और सभी जानकारी सही पाए जाने के बाद ही किसी व्यक्ति को पासपोर्ट जारी किया जाता है।
ई-पासपोर्ट का बढ़ता उपयोग
अब तेजी से बढ़ रहा ई-पासपोर्ट का इस्तेमाल
विदेश मंत्रालय ने बताया कि पिछले वर्ष शुरू की गई चिप वाले ई-पासपोर्ट की प्रणाली के तहत अब तक 1.47 करोड़ से अधिक ई-पासपोर्ट जारी किए जा चुके हैं। इन ई-पासपोर्ट में एक विशेष RFID चिप और एंटीना होता है, जिसमें धारक की व्यक्तिगत जानकारी और बायोमेट्रिक डेटा सुरक्षित रूप से संग्रहित रहता है। मंत्रालय के अनुसार, ई-पासपोर्ट को धोखाधड़ी से तैयार करना या उसमें मौजूद डेटा में छेड़छाड़ करना अत्यंत कठिन है। इससे विदेशों में इमिग्रेशन प्रक्रिया अधिक सुरक्षित और तेज हो जाती है।
पासपोर्ट सेवाओं में सुधार
पासपोर्ट सेवाओं में हुआ बड़ा विस्तार
अधिकारियों के अनुसार, देश में पासपोर्ट आवेदन की प्रोसेसिंग अवधि को घटाकर औसतन पांच से छह दिन कर दिया गया है। इसके साथ ही, यह सुनिश्चित करने का प्रयास किया जा रहा है कि किसी आवेदक को पासपोर्ट सेवा केंद्र में 45 मिनट से अधिक समय न बिताना पड़े। वर्तमान में देशभर में 544 पासपोर्ट सेवा केंद्र और डाकघर पासपोर्ट सेवा केंद्र कार्यरत हैं, जबकि एक दशक पहले इनकी संख्या केवल 77 थी। पुलिस वेरिफिकेशन की प्रक्रिया को भी तेज करने पर काम चल रहा है।
विदेश यात्रा की सुविधाओं में वृद्धि
भारतीयों के लिए बढ़ीं विदेश यात्रा की सुविधाएं
विदेश मंत्रालय ने जानकारी दी है कि वर्तमान में 27 देश भारतीय नागरिकों को वीजा-फ्री यात्रा की सुविधा प्रदान कर रहे हैं। इसके अलावा, 47 देश वीजा ऑन अराइवल और 66 देश ई-वीजा की सुविधा देते हैं। मंत्रालय अगले सप्ताह 'ह्यूमन रिसोर्स मोबिलिटी फोरम' का आयोजन करेगा, जिसका उद्देश्य विदेश में रोजगार की तलाश कर रहे भारतीयों को सुरक्षित और कानूनी अवसरों से जोड़ना और फर्जी भर्ती एजेंसियों से सतर्क करना है।
