पिया डांडिया ने अमेरिका में भारतीय-अमेरिकी राजनीति में नया अध्याय लिखा
पिया डांडिया की ऐतिहासिक जीत
वाशिंगटन। भारतीय मूल की महिलाओं ने एक बार फिर अमेरिका की राजनीति में अपनी उपस्थिति को मजबूती से दर्ज कराया है। फ्लोरिडा से पिया डांडिया का नाम इन दिनों चर्चा का विषय बना हुआ है। उन्होंने फ्लोरिडा के 22वें कांग्रेसनल डिस्ट्रिक्ट से चुनावी दौड़ में भाग लिया। इससे पहले, उन्होंने डेमोक्रेटिक पार्टी के प्राइमरी चुनाव में जीत हासिल कर अमेरिकी कांग्रेस के चुनाव में अपनी जगह बनाई थी।
पिया डांडिया ने 19 अगस्त 2026 को हुए डेमोक्रेटिक प्राइमरी चुनाव में अपनी प्रतिद्वंद्वी केसिया अर्ली को हराया। इसके बाद, नवंबर में होने वाले आम चुनाव में उनका मुकाबला रिपब्लिकन पार्टी की उम्मीदवार कैसी अस्कर से हुआ। 3 नवंबर 2026 को हुए अमेरिकी मध्यावधि चुनाव के परिणामों में, पिया डांडिया ने कैसी अस्कर को हराकर अपनी जीत सुनिश्चित की है। कई मीडिया रिपोर्टों ने उनकी जीत की पुष्टि की है।
इस मध्यावधि चुनाव में पिया डांडिया को 51.9 प्रतिशत वोट मिले, जबकि उनके प्रतिद्वंद्वी कैसी अस्कर को 49.1 प्रतिशत वोट प्राप्त हुए। इस जीत के साथ, वह फ्लोरिडा के 22वें कांग्रेसनल डिस्ट्रिक्ट से अमेरिकी प्रतिनिधि सभा के लिए चुनी गई हैं।
पिया डांडिया का जन्म भारतीय मूल के माता-पिता के घर अमेरिका के पाम बीच काउंटी में हुआ था। उन्होंने अपने करियर की शुरुआत एक शिक्षिका के रूप में की और बाद में न्यूयॉर्क के हार्लेम में हाई स्कूल की प्रिंसिपल भी रहीं। इसके अलावा, उन्होंने व्हाइट हाउस फेलो के रूप में कार्य किया और टेक्नोलॉजी कंपनी एप्पल से भी जुड़ी रहीं।
उनकी जीत इसलिए भी महत्वपूर्ण मानी जा रही है क्योंकि फ्लोरिडा का 22वां जिला नए परिसीमन के बाद एक प्रतिस्पर्धी चुनावी क्षेत्र बन गया था। पिया डांडिया इस जीत के साथ अमेरिकी कांग्रेस में फ्लोरिडा का प्रतिनिधित्व करने वाली पहली दक्षिण एशियाई अमेरिकी बन गई हैं। इस प्रकार, भारतीय मूल की पिया डांडिया ने अमेरिकी राजनीति में अपनी नई पहचान बनाई है और भारतीय-अमेरिकी समुदाय के प्रतिनिधित्व में एक नया अध्याय जोड़ा है।
