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पीएम मोदी ने परीक्षा सुधार के लिए हाई पावर्ड टास्क फोर्स का गठन किया

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने छात्रों के भविष्य को ध्यान में रखते हुए परीक्षा प्रणाली में सुधार के लिए एक नया वीडियो संदेश जारी किया है। उन्होंने नंदन नीलेकणि की अध्यक्षता में एक उच्च स्तरीय समिति का गठन किया है, जो परीक्षा सुधार पर ध्यान केंद्रित करेगी। यह कदम नीट पेपर लीक विवाद के बीच उठाया गया है, और पीएम मोदी ने छात्रों के लिए सरकार की प्रतिबद्धता को दोहराया है। जानें इस नई पहल के बारे में और कैसे यह छात्रों के भविष्य को प्रभावित कर सकती है।
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प्रधानमंत्री का नया वीडियो संदेश

नई दिल्ली: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रविवार को छात्रों और शिक्षा प्रणाली के संदर्भ में एक नया वीडियो संदेश साझा किया। इस संदेश में उन्होंने परीक्षा प्रणाली को अधिक पारदर्शी और आधुनिक बनाने के लिए महत्वपूर्ण सुधारों का संकेत दिया। पीएम मोदी ने बताया कि परीक्षा सुधार के लिए टेक्नोलॉजी विशेषज्ञ नंदन नीलेकणि की अध्यक्षता में एक उच्च स्तरीय समिति का गठन किया गया है।


इस वीडियो की लंबाई 1 मिनट 20 सेकंड है और इसकी शुरुआत पीएम मोदी ने 'फ्रेंड्स' कहकर की। उन्होंने कहा, 'फ्रेंड्स, विद्यार्थियों के भविष्य के लिए, भारत सरकार लगातार कई कदम उठा रही है। जिन लोगों ने विद्यार्थियों के भविष्य के साथ खिलवाड़ किया, वे अब जेलों में हैं। हम फास्ट ट्रैक कोर्ट बना चुके हैं और संसद में कठोर प्रावधानों के साथ नया कानून बनाने की दिशा में आगे बढ़ रहे हैं, लेकिन हमें भविष्य के लिए भी सोचना है।'


उन्होंने आगे कहा, 'हमारी परीक्षा प्रणाली विश्वसनीय होनी चाहिए, पारदर्शी होनी चाहिए, और इसमें टेक्नोलॉजी का अधिकतम उपयोग होना चाहिए। इन सभी पहलुओं को ध्यान में रखते हुए, नंदन नीलेकणि के नेतृत्व में एक उच्च स्तरीय कार्य बल का गठन किया गया है, जो परीक्षा सुधार पर ध्यान केंद्रित करेगा और आगामी परीक्षाओं की विश्वसनीयता सुनिश्चित करेगा।'




यह ध्यान देने योग्य है कि नीट पेपर लीक विवाद के बीच पीएम मोदी का छात्रों के लिए यह तीसरा वीडियो संदेश है। पहला वीडियो 23 जुलाई की रात 11:52 बजे जारी किया गया था, जिसमें उन्होंने बताया था कि कैबिनेट मीटिंग में पेपर लीक के संबंध में सख्त निर्णय लिया जाएगा। इसके बाद अगले दिन उन्होंने एक और वीडियो जारी किया, जिसमें छात्रों को धन्यवाद दिया था।