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पीलीभीत में मतदाता सूची की गड़बड़ी पर कार्रवाई, अधिकारियों के तबादले पर रोक

उत्तर प्रदेश के पीलीभीत में 2027 की मतदाता सूची तैयार करने के लिए जिलाधिकारी, अपर जिलाधिकारी और उपजिलाधिकारी के तबादलों पर रोक लगा दी गई है। यह निर्णय मतदाता सूची में गड़बड़ी की शिकायतों के मद्देनजर लिया गया है। अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की गई है, जिसमें कुछ को उनके पद से हटा दिया गया है। जानें इस मामले में क्या हुआ और आगे की कार्रवाई क्या होगी।
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मतदाता सूची की तैयारी में रोक

पीलीभीत: उत्तर प्रदेश में 2027 की मतदाता सूची बनाने की प्रक्रिया के तहत जिलाधिकारी (DM), अपर जिलाधिकारी (ADM) और उपजिलाधिकारी (SDM) के तबादलों पर रोक लगा दी गई है। मुख्य निर्वाचन अधिकारी (CEO) नवदीप रिणवा ने इस बात की पुष्टि की है। इन अधिकारियों के तबादले 4 जनवरी 2027 तक नहीं होंगे, ताकि मतदाता सूची का कार्य सुचारू रूप से संपन्न हो सके। इसके साथ ही, पीलीभीत में वोटर लिस्ट में गड़बड़ी की शिकायतों के चलते संबंधित अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की गई है।


सूत्रों के अनुसार, विधान सभा निर्वाचन क्षेत्र 127-पीलीभीत की मतदाता सूची में गड़बड़ी के मामले में संबंधित अधिकारियों और कर्मचारियों के खिलाफ कार्रवाई की गई है। निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारी (ERO) और VRC ऑपरेटर को मतदाता सूची के कार्य से हटा दिया गया है। दोनों को नोटिस जारी कर जवाब मांगा गया है। ERO और VRC ऑपरेटर के खिलाफ कानूनी कार्रवाई भी की जाएगी। आगे की कार्रवाई संबंधित जांच और उत्तर के आधार पर की जाएगी।


इस मामले में पूरनपुर SDM मयंक गोस्वामी और अमरिया SDM हेमंत चौधरी को भी हटाया गया है। समाजवादी पार्टी और कांग्रेस ने गलत नाम दर्ज होने और योग्य मतदाताओं के नाम कटने की शिकायत की थी। कांग्रेस और सपा ने आरोप लगाया था कि 13,150 मतदाताओं का EPIC और सीरियल नंबर एक समान है, और उनके नाम बदल दिए गए हैं। मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने कहा है कि पीलीभीत के सभी विधान सभा निर्वाचन क्षेत्रों की मतदाता सूचियों की इस बिंदु पर गहनता से जांच कर विस्तृत रिपोर्ट दो दिन में प्रस्तुत करने के निर्देश जिला निर्वाचन अधिकारी, पीलीभीत को दिए गए हैं।