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पीलीभीत में सरकारी योजना का लाभ उठाने के लिए पति ने की दूसरी शादी, FIR दर्ज

उत्तर प्रदेश के पीलीभीत जिले में एक व्यक्ति ने मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना का लाभ उठाने के लिए अपनी पहली शादी को छिपाते हुए दूसरी शादी कर ली। जब उसकी पहली पत्नी को इस धोखाधड़ी का पता चला, तो उसने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई। पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए आरोपी और उसके परिवार के खिलाफ FIR दर्ज की है। इस मामले में ₹1 लाख की सरकारी सहायता राशि की वसूली की जाएगी। जानें इस योजना के तहत क्या लाभ मिलता है और आरोपी ने कैसे धोखा दिया।
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धोखाधड़ी का मामला उजागर

पीलीभीत। उत्तर प्रदेश के पीलीभीत जिले में सरकारी योजनाओं का लाभ लेने के लिए नियमों का उल्लंघन करने का एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है। यहां एक व्यक्ति ने 'मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना' के तहत मिलने वाली वित्तीय सहायता हड़पने के लिए अपनी पहली शादी को छिपाते हुए सामूहिक विवाह कार्यक्रम में दूसरी शादी कर ली। जब पहली पत्नी को इस धोखाधड़ी का पता चला, तो उसने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई। पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए आरोपी पति और उसके साथ छह अन्य लोगों के खिलाफ FIR दर्ज की है।


पहली पत्नी का खुलासा

शिकायतकर्ता गीता देवी, जो पीलीभीत के ग्राम मडरिया की निवासी हैं, ने पुलिस को बताया कि उनकी शादी 24 अप्रैल 2021 को बरेली के क्योलड़िया निवासी 'कुमार' के साथ हुई थी, और उनके एक बेटे भी हैं। गीता ने आरोप लगाया कि उसके पति कुमार ने बिना किसी कानूनी तलाक के खुद को अविवाहित बताकर फर्जी दस्तावेज तैयार किए। इसके बाद, आरोपी ने 12 नवंबर को पीलीभीत के ड्रमंड राजकीय इंटर कॉलेज में आयोजित मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह समारोह में सुमन नामक महिला से दूसरी शादी कर ली।


कानूनी कार्रवाई और वसूली

सूत्रों के अनुसार, इस मामले के उजागर होने के बाद न्यूरिया थाना पुलिस ने आरोपी पति कुमार, उसके माता-पिता और दूसरी पत्नी व उसके माता-पिता सहित कुल छह लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया है। पुलिस ने यह कार्रवाई भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 318(4) यानी धोखाधड़ी और धारा 82(1) यानी पति/पत्नी के जीवित रहते दूसरी शादी करने के तहत की है। पीलीभीत के मुख्य विकास अधिकारी सतीश प्रसाद मिश्रा ने इस मामले पर सख्त रुख अपनाते हुए कहा है कि पुलिस जांच और चार्जशीट दाखिल होने के बाद आरोपी परिवार से ₹1 लाख की पूरी सरकारी सहायता राशि वापस वसूली जाएगी।


मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना का उद्देश्य

उत्तर प्रदेश सरकार की 'मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना' के तहत गरीब परिवारों की बेटियों की शादी के लिए प्रति जोड़ा कुल ₹1,00,000 की वित्तीय सहायता दी जाती है। इस राशि में से ₹64,000 सीधे वधू के बैंक खाते में भेजे जाते हैं। इसके अलावा ₹21,000 मूल्य की गृहस्थी सामग्री और ₹15,000 विवाह आयोजन के खर्च के लिए निर्धारित होते हैं। आरोपी ने इसी सरकारी धन का गबन करने के लिए प्रशासन को धोखा देने की कोशिश की थी।