Newzfatafatlogo

पुंछ में लैंडमाइन विस्फोट से दो जवान घायल, मजदूरों ने खोजा विस्फोटक

जम्मू-कश्मीर के पुंछ जिले में लैंडमाइन को निष्क्रिय करते समय दो जवान घायल हो गए। यह घटना मेंढर सेक्टर में हुई, जहां पेट्रोलिंग दल ने लैंडमाइन देखी थी। विशेषज्ञों की टीम को बुलाने के बावजूद विस्फोट हो गया। इसके अलावा, मजदूरों ने नालवा देगवार तेरवां में एक जिंदा विस्फोटक खोजा, जिसे सेना ने सुरक्षित तरीके से नष्ट किया। बारिश के कारण लैंडमाइन का खतरा बढ़ जाता है, जिससे जवानों को जोखिम का सामना करना पड़ता है।
 | 

पुंछ में लैंडमाइन विस्फोट की घटना


जम्मू और कश्मीर समाचार: जम्मू-कश्मीर के पुंछ जिले में नियंत्रण रेखा के निकट लैंडमाइन को निष्क्रिय करते समय दो सैनिक घायल हो गए। यह घटना मेंढर सेक्टर के कांगा गली क्षेत्र में हुई, जहां एक पेट्रोलिंग दल को लैंडमाइन मिली थी। इसे निष्क्रिय करने के लिए विशेषज्ञों की टीम को बुलाया गया था, लेकिन विस्फोट होने से पहले ही यह फट गई। घायल जवानों को तुरंत आर्मी अस्पताल में भर्ती कराया गया।


LoC पर एंटी-इन्फिल्ट्रेशन माइंस का खतरा


LoC के अग्रिम क्षेत्रों में घुसपैठ को रोकने के लिए एंटी-इन्फिल्ट्रेशन माइंस का उपयोग किया जाता है। अधिकारियों के अनुसार, भारी बारिश के कारण कुछ लैंडमाइन अपनी जगह से खिसक सकती हैं, जिससे जवानों के लिए खतरा बढ़ जाता है। पुंछ और आसपास के क्षेत्रों में ऐसी घटनाएं पहले भी हो चुकी हैं।


नालवा देगवार तेरवां में जिंदा विस्फोटक की खोज


पुंछ के नालवा देगवार तेरवां क्षेत्र में सड़क निर्माण कार्य के दौरान मजदूरों को एक जंग लगा हुआ जिंदा विस्फोटक मिला। यह हैंड ग्रेनेड जैसा दिखता था। मजदूरों ने इसकी सूचना दी, जिसके बाद सेना की बम डिस्पोजल टीम ने मौके पर पहुंचकर इसे सुरक्षित तरीके से नष्ट कर दिया। इस घटना में कोई घायल नहीं हुआ।


बारिश के दौरान लैंडमाइन का खतरा बढ़ता है


LoC के पहाड़ी क्षेत्रों में मानसून के दौरान भारी बारिश और मिट्टी के कटाव से लैंडमाइन के खिसकने का खतरा रहता है। अधिकारियों ने चेतावनी दी है कि विस्थापित लैंडमाइन पेट्रोलिंग रूट या अन्य क्षेत्रों में पहुंचकर अप्रत्याशित खतरा पैदा कर सकती हैं।