पुणे के केतन अग्रवाल मौत मामले में नई जानकारियाँ सामने आईं
पुलिस जांच में चौंकाने वाले तथ्य
नई दिल्ली: पुणे में केतन अग्रवाल की मौत के मामले में पुलिस की जांच ने कई चौंकाने वाले तथ्य उजागर किए हैं। प्रारंभ में इसे एक साधारण दुर्घटना समझा गया था, लेकिन बाद में सामने आए डिजिटल और तकनीकी साक्ष्यों ने स्थिति को बदल दिया। लोहगढ़ किले पर हुई इस घटना के बाद पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज, कॉल रिकॉर्ड और सोशल मीडिया गतिविधियों की गहन जांच की, जिससे कथित साजिश के संकेत मिले।
संदिग्ध गतिविधियों का खुलासा
जांच के दौरान पुलिस ने किले के प्रवेश क्षेत्र में लगे कैमरों की रिकॉर्डिंग की समीक्षा की। फुटेज में केतन और सिया एक साथ नजर आए, जबकि उनके पीछे एक युवक संदिग्ध रूप से नजर आया। गर्मी के बावजूद उसने हुडी पहन रखी थी और अपने चेहरे को छिपाने की कोशिश कर रहा था, जिससे पुलिस को आगे की जांच के लिए महत्वपूर्ण दिशा मिली।
कॉल रिकॉर्ड से मिली नई जानकारी
तकनीकी जांच में यह सामने आया कि सिया लगातार चेतन चौधरी नामक युवक के संपर्क में थी। दोनों के बीच लंबे समय से बातचीत हो रही थी। कॉल डिटेल रिकॉर्ड और डिजिटल संचार डेटा के विश्लेषण से यह स्पष्ट हुआ कि उनके बीच करीबी संबंध थे, जिसके बाद जांच का दायरा और बढ़ा दिया गया।
सोशल मीडिया पर दिखता था खुशहाल रिश्ता
सोशल मीडिया पर सिया और केतन का रिश्ता बेहद खुशहाल नजर आता था। दोनों की सगाई और समारोह की तस्वीरें लगातार साझा की जाती थीं। लेकिन जांच में यह पता चला कि निजी स्तर पर परिस्थितियाँ भिन्न थीं। पुलिस का मानना है कि इसी विरोधाभास ने मामले को और जटिल बना दिया।
घटना से पहले की योजनाएँ
जांच के दौरान परिजनों और अन्य लोगों से पूछताछ में यह संकेत मिला कि लोहगढ़ किले की यात्रा को लेकर पहले भी कई बार चर्चा की गई थी। पुलिस इन पहलुओं की भी गहनता से जांच कर रही है। अधिकारियों का मानना है कि घटनाक्रम को समझने के लिए हर कड़ी को जोड़ना आवश्यक है।
गिरफ्तारी के बाद की कार्रवाई
पुलिस ने सिया गोयल और चेतन चौधरी को हत्या और आपराधिक साजिश के आरोपों में गिरफ्तार किया है। जांच एजेंसियाँ अब डिजिटल साक्ष्यों, सोशल मीडिया गतिविधियों और अन्य तकनीकी पहलुओं का विस्तृत विश्लेषण कर रही हैं। अधिकारियों का कहना है कि मामले से जुड़े हर तथ्य की गहन जांच की जाएगी ताकि पूरी सच्चाई सामने आ सके।
