पुणे के केतन अग्रवाल हत्याकांड में नए डिजिटल सुराग, पुलिस की जांच तेज
महाराष्ट्र: केतन अग्रवाल हत्याकांड की नई जानकारी
महाराष्ट्र: पुणे में हुए केतन अग्रवाल के हत्याकांड की जांच में रोज नए तथ्य सामने आ रहे हैं। हाल ही में पुलिस को कुछ डिजिटल सुराग मिले हैं, जो मामले को और जटिल बना रहे हैं। जांच एजेंसियों का कहना है कि मुख्य आरोपी सिया गोयल और उसके प्रेमी चेतन चौधरी बातचीत के दौरान कोड वर्ड्स का उपयोग करते थे। इन कोड वर्ड्स के असली अर्थ को जानने के लिए पुलिस ने सिया का दूसरा मोबाइल फोन भी जब्त कर लिया है।
कोड वर्ड्स की जांच में जुटी पुलिस
जांच अधिकारियों के अनुसार, डिजिटल रिकॉर्ड की समीक्षा में यह पता चला है कि दोनों आरोपी सामान्य भाषा के बजाय विशेष कोड वर्ड्स में संवाद करते थे। पुलिस अब यह जानने की कोशिश कर रही है कि इन शब्दों का क्या अर्थ है और क्या ये कथित हत्या की साजिश से जुड़े हैं। इसके लिए जब्त किए गए मोबाइल की फॉरेंसिक जांच की जाएगी।
कोर्ट ने पुलिस कस्टडी बढ़ाने से किया इनकार
पुलिस ने अदालत से सिया गोयल और चेतन चौधरी की हिरासत तीन दिन और बढ़ाने की मांग की थी। जांच एजेंसी का तर्क था कि नए मोबाइल फोन के मिलने के बाद दोनों आरोपियों से आमने-सामने पूछताछ आवश्यक है। हालांकि, अदालत ने इस मांग को अस्वीकार कर दिया और दोनों को न्यायिक हिरासत में भेज दिया।
घटनास्थल का री-क्रिएशन
जांच के दौरान पुलिस ने सिया गोयल को उस स्थान पर ले जाकर घटनास्थल का री-क्रिएशन किया, जहां कथित तौर पर हत्या की योजना बनाई गई थी। पुलिस के अनुसार, आरोपियों ने वारदात से पहले वहां जाकर पूरी घटना की रिहर्सल की थी। मौके पर सिया ने उस स्थान की पहचान भी की, जिससे जांच को आगे बढ़ाने में सहायता मिली।
तकनीकी जांच पर पुलिस का ध्यान
पुलिस ने सिया के घर से घटना के दिन पहने गए कपड़े भी बरामद किए हैं। इसके अलावा, दोनों आरोपियों का पॉलीग्राफ टेस्ट कराने की अनुमति भी अदालत से मांगी गई है। जांच एजेंसियों का कहना है कि डिजिटल साक्ष्यों, मोबाइल डेटा और अन्य तकनीकी जानकारियों का विश्लेषण जारी है। इन्हीं सबूतों के आधार पर मामले की सच्चाई को उजागर करने की कोशिश की जा रही है।
