पुणे के केतन अग्रवाल हत्याकांड में नया मोड़: मुख्य आरोपियों की साजिश का खुलासा
पुणे में केतन अग्रवाल हत्याकांड की चार्जशीट
नई दिल्ली: पुणे के चर्चित केतन अग्रवाल हत्या मामले में एक महत्वपूर्ण विकास हुआ है। शनिवार को पुणे ग्रामीण पुलिस ने वाडगांव मावल अदालत में 5,053 पन्नों का एक विस्तृत और चौंकाने वाला चार्जशीट पेश किया। इस मामले में पुलिस ने मृतक केतन की मंगेतर सिया गोयल, उसके कथित प्रेमी चेतन चौधरी और उनके सहयोगी रितेश संजय हंगे को मुख्य आरोपी के रूप में नामित किया है, जो वर्तमान में जेल में हैं। ग्रामीण एसपी संदीप सिंह गिल के नेतृत्व में एकत्रित तकनीकी, फॉरेंसिक और डिजिटल साक्ष्यों ने एक ऐसी साजिश का पर्दाफाश किया है, जो किसी भी थ्रिलर फिल्म को मात दे सकती है।
साजिश का खौफनाक प्लान
हादसे के भेष में रची गई खौफनाक साजिश
पुलिस की जांच में यह सामने आया है कि शुरू में केतन की हत्या के बजाय उसे अपाहिज बनाने की योजना बनाई गई थी। इसके लिए आरोपियों ने दूसरे राज्य के अपराधियों से संपर्क किया, लेकिन ब्लैकमेलिंग और भेद खुलने के डर से उन्होंने अपना इरादा बदल दिया। जिस व्यक्ति से सुपारी के लिए बात की गई, वही अब पुलिस का महत्वपूर्ण गवाह बन गया है। इसके बाद आरोपियों ने खुद हत्या की योजना बनाई और इसके लिए क्राइम फिल्में, मर्डर पॉडकास्ट और राजा रघुवंशी हत्याकांड का अध्ययन किया।
लोहागढ़ किले का चयन
लोहागढ़ किले को ही क्यों चुना गया?
मई के अंत में लोनावला के विभिन्न पर्यटन स्थलों की जांच के बाद, लोहागढ़ किला वारदात के लिए उपयुक्त स्थान माना गया। इसके पीछे की सोच यह थी कि मार्च 2025 में नवी सांगवी की एक युवती की इसी किले से गिरकर मौत हुई थी। आरोपियों को लगा कि केतन की मौत को भी एक दुर्घटना के रूप में पेश करना आसान होगा। साजिश को अंजाम देने के लिए सभी बाधाओं को दूर किया गया। दोनों का बाली में प्री-वेडिंग शूट तय था, लेकिन 6 जून को खालापुर के एक कैफे में सिया ने चालाकी से केतन का पासपोर्ट फाड़कर फेंक दिया ताकि उनकी विदेश यात्रा रद्द हो सके। इसके बाद 14 जून को लोहागढ़ में उसे पहाड़ी से धक्का देने और सांप का डर दिखाकर खाई में गिराने की कोशिश की गई, लेकिन केतन बच निकला।
डिजिटल साक्ष्य का जाल
डिजिटल जाल
लगातार असफलताओं के बाद, 18 जून को आरोपी रितेश की सलाह पर 'माही' नाम से एक फर्जी इंस्टाग्राम प्रोफाइल बनाई गई। इस अकाउंट से केतन को सिया की सहेली बताकर मैसेज भेजे गए और उसे सरप्राइज बर्थडे के बहाने लोहागढ़ आने के लिए मनाया गया। वारदात के तुरंत बाद इस सोशल मीडिया अकाउंट को मिटा दिया गया। अदालत में केस को मजबूत करने के लिए पुलिस ने 100 से अधिक गवाहों को शामिल किया है, जिनमें 5 चश्मदीद गवाह भी शामिल हैं। व्हाट्सएप चैट, कॉल रिकॉर्ड्स (CDR), मोबाइल डेटा, तस्वीरें और जीपीएस ट्रैकिंग जैसे वैज्ञानिक सबूत इस 5,053 पन्नों की चार्जशीट का मुख्य आधार हैं, जिससे आरोपियों का बच निकलना बेहद कठिन प्रतीत हो रहा है।
