पुणे के लोहगढ़ किला हत्या मामले की जांच में नया मोड़
लोहगढ़ किला हत्या मामले की जांच में प्रगति
पुणे में लोहगढ़ किला हत्याकांड की जांच अब निर्णायक चरण में पहुँच चुकी है। लगभग दस दिन बाद, पुलिस ने हत्या के संदिग्ध युवती और उसके प्रेमी को किले पर ले जाकर घटनाक्रम का पुनर्निर्माण किया।
इस प्रक्रिया के दौरान, जांच अधिकारियों ने यह जानने का प्रयास किया कि घटना के दिन दोनों आरोपियों ने अपनी योजना को कैसे अंजाम दिया और कथित तौर पर केतन अग्रवाल को किले से नीचे धक्का कैसे दिया गया। पूरे घटनाक्रम की वीडियो रिकॉर्डिंग भी की गई ताकि बयान और घटनास्थल की परिस्थितियों का मिलान किया जा सके।
हर गतिविधि का गहन विश्लेषण
पुणे ग्रामीण पुलिस के अनुसार, आरोपियों को उसी स्थान पर ले जाया गया जहां यह वारदात हुई थी। जांच टीम ने यह जानने की कोशिश की कि आरोपी किस रास्ते से किले तक पहुंचे, घटना के समय कौन कहां था और घटनाओं का क्रम क्या था। अधिकारियों ने बताया कि घटनास्थल पर आरोपियों से उनकी गतिविधियों के बारे में विस्तार से जानकारी ली गई। यह भी देखा गया कि कथित धक्का देने की घटना किस स्थान पर हुई और उस समय दोनों आरोपियों की भूमिका क्या थी।
हत्या की साजिश के सभी पहलुओं की जांच
पुलिस का कहना है कि इस मामले में केवल घटनास्थल का पुनर्निर्माण नहीं, बल्कि हत्या की कथित साजिश से जुड़े सभी पहलुओं की भी जांच की जा रही है। जांचकर्ता आरोपियों के डिजिटल रिकॉर्ड, मोबाइल गतिविधियों, घटना से पहले और बाद की लोकेशन तथा आपसी संपर्कों का विश्लेषण कर रहे हैं। प्रारंभिक जांच में यह सामने आया है कि गिरफ्तार युवती ने पूछताछ के दौरान कहा कि वह केतन अग्रवाल से विवाह नहीं करना चाहती थी, लेकिन शादी से इनकार करने पर परिवार की बदनामी का डर उसे सता रहा था।
जांच प्रक्रिया को सुचारु रूप से पूरा करने के लिए, पुलिस ने लोहगढ़ किले में आम पर्यटकों के प्रवेश पर अस्थायी रोक लगा दी है। अधिकारियों का कहना है कि इससे घटनास्थल को सुरक्षित रखते हुए पुनर्निर्माण की प्रक्रिया बिना किसी बाधा के पूरी की जा सकी।
