पुणे में केतन अग्रवाल हत्या मामले में चौंकाने वाले खुलासे: चार्जशीट में सामने आईं नई जानकारियाँ
पुलिस ने पेश की चार्जशीट
नई दिल्ली: पुणे में चर्चित केतन अग्रवाल हत्या मामले में पुलिस ने अदालत में 5,300 पन्नों की चार्जशीट पेश की है, जिसमें कई महत्वपूर्ण तथ्य उजागर हुए हैं। इन तथ्यों से यह स्पष्ट होता है कि हत्या की योजना कितनी सुनियोजित थी। सबसे चौंकाने वाला तथ्य यह है कि हत्या से पहले केतन को बेंगलुरु ले जाकर उसके हाथ-पैर तोड़ने की योजना बनाई गई थी।
योजना में शामिल आरोपी
जांच में यह पता चला है कि तीन आरोपियों में से एक, रितेश हांगे, ने अपने एक मित्र के साथ इस योजना पर चर्चा की थी, लेकिन उस मित्र ने इस विचार का विरोध किया। चार्जशीट के अनुसार, प्रारंभ में दो मुख्य आरोपियों का इरादा केवल केतन के हाथ-पैर तोड़ने का था, लेकिन जब यह योजना विफल हो गई, तो उन्होंने हत्या करने का निर्णय लिया। इसके लिए उन्होंने हत्या से संबंधित फिल्में देखीं और चैटजीपीटी की मदद से योजना बनाई।
यात्रा रद्द करने की साजिश
6 जून को शादी से पहले फोटोशूट के लिए यात्रा के दौरान, गोयल ने कथित तौर पर केतन का पासपोर्ट फाड़कर एक कैफे के वॉशरूम में फेंक दिया, जिससे उनकी यात्रा रद्द हो गई। जांच में यह भी सामने आया कि पासपोर्ट फाड़ने का विचार चौधरी का था।
फर्जी इंस्टाग्राम अकाउंट का उपयोग
चार्जशीट के अनुसार, गोयल के प्रेमी ने एक परिचित महिला की तस्वीर का उपयोग करके 'माही' नाम से एक फर्जी इंस्टाग्राम अकाउंट बनाने का सुझाव दिया। इसी अकाउंट से केतन को 18 जून को लोहगढ़ किले पर बुलाया गया, यह कहकर कि गोयल के साथ मिलकर उनके लिए जन्मदिन का सरप्राइज प्लान किया जाएगा। यह पूरी योजना हांगे द्वारा बनाई गई थी, और घटना के बाद उस फर्जी अकाउंट को तुरंत डिलीट कर दिया गया।
गवाह को धमकी
एक गवाह ने दावा किया कि उसने केतन को लोहगढ़ किले से खाई में धकेलते देखा था। इसके बाद उसे भी जान से मारने की धमकी दी गई। मीडिया में हत्या की खबरें देखने के बाद, डरे हुए गवाह ने घटना के पांच दिन बाद पुलिस के पास जाकर अपना बयान दर्ज कराया। आरोपी चेतन ने कथित तौर पर गवाह को धमकाते हुए कहा कि चुप रहो, वरना उसे भी किले से नीचे फेंक दिया जाएगा।
