पुणे हत्या मामले में सिया गोयल का पॉलीग्राफ टेस्ट कराने की अनुमति मांगी गई
पुणे हत्या मामले में नया मोड़
पुणे हत्या मामला: पुणे पुलिस ने सिया गोयल के लिए लाई-डिटेक्टर (पॉलीग्राफ) टेस्ट कराने की अनुमति अदालत से मांगी है। सिया गोयल अपने मंगेतर केतन अग्रवाल की हत्या के मुख्य संदिग्ध मानी जा रही हैं। पुलिस ने अदालत को बताया कि इस मामले में कोई प्रत्यक्ष गवाह या ठोस सबूत नहीं हैं, केवल आरोपी के बयान हैं। इसलिए, पॉलीग्राफ टेस्ट आवश्यक है।
पुलिस का कहना है कि सिया गोयल और चेतन चौधरी के बयान पहले ही दर्ज किए जा चुके हैं। लेकिन पॉलीग्राफ टेस्ट से जांच को नई दिशा मिल सकती है और नए सुराग प्राप्त हो सकते हैं। सिया गोयल के वकील विपुल दुशिंग ने कहा कि पॉलीग्राफ टेस्ट के लिए कई कानूनी और तकनीकी प्रक्रियाएं पूरी करनी होती हैं। सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि आरोपी की सहमति हो।
मामले का विवरण
जानें क्या है मामला?
18 जून को लोहागढ़ किले पर केतन अग्रवाल को कथित तौर पर चट्टान से नीचे धकेल दिया गया था। केतन और सिया की शादी नवंबर में तय थी। दोनों पुणे के रियल एस्टेट व्यवसायी थे। पुलिस का आरोप है कि सिया गोयल और चेतन चौधरी ने मिलकर केतन की हत्या की योजना बनाई थी। दोनों आरोपी वर्तमान में पुलिस हिरासत में हैं, और उनकी हिरासत 3 जुलाई तक बढ़ा दी गई है।
मोबाइल फोन की जांच
मोबाइल फोन की जांच:
पुलिस यह जांच कर रही है कि क्या केतन अग्रवाल का मोबाइल फोन सिया गोयल के पास रहने के दौरान कोई डेटा डिलीट किया गया था। फोन कुछ समय तक सिया के पास था, जिसके बाद उसने इसे अपने परिवार को सौंप दिया। 1 जुलाई को पुलिस ने चेतन चौधरी के साथ लोहागढ़ किले पर अपराध दृश्य का पुनर्निर्माण किया था। इससे पहले रविवार को सिया गोयल के साथ भी डमी का उपयोग कर घटना को दोहराया गया था। पॉलीग्राफ टेस्ट के परिणाम अदालत में मुख्य सबूत नहीं माने जाते, लेकिन यह जांच एजेंसी को नई दिशा देने में सहायक होते हैं।
