पुणे हत्याकांड में नया मोड़: सिया गोयल का स्नैपचैट चैट हुआ वायरल
पुणे में हत्याकांड की जांच में प्रगति
पुणे: पुणे के प्रसिद्ध रियल एस्टेट व्यवसायी केतन अग्रवाल की हत्या की जांच में तेजी आ रही है। इस मामले में सिया गोयल और उसके प्रेमी चेतन चौधरी को अदालत ने 14 दिनों की न्यायिक हिरासत में भेज दिया है। इसी बीच, सिया गोयल से संबंधित एक स्नैपचैट चैट का स्क्रीनशॉट सोशल मीडिया पर वायरल हो गया है, जिसने नए सवाल खड़े कर दिए हैं। हालांकि, इस चैट की आधिकारिक पुष्टि अभी तक नहीं हुई है।
स्नैपचैट चैट में आधार कार्ड की मांग
मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, वायरल स्क्रीनशॉट में सिया अपने एक जानकार से आधार कार्ड की तस्वीरें भेजने के लिए कहती नजर आ रही है। इस बातचीत में शादी के टिकट बुक करने का भी जिक्र किया गया है। हालांकि, पुलिस ने इस चैट पर कोई आधिकारिक बयान नहीं दिया है।
A new twist in the Pune murder case.
— Nalini Unagar (@NalinisKitchen) July 4, 2026
Police have reportedly recovered a Snapchat chat allegedly sent by Siya Goyal, weeks before the death of her fiancé Ketan Agarwal. In the message, she allegedly asked a friend for an Aadhaar card to book wedding tickets, then added, "the… pic.twitter.com/8nl7OWLHZA
हत्या का पूरा मामला
पुलिस के अनुसार, 25 वर्षीय केतन अग्रवाल की हत्या 18 जून को पुणे जिले के लोहागढ़ किले के पास एक चट्टान से धक्का देकर की गई थी। जांच में यह भी सामने आया है कि केतन और सिया की शादी इस वर्ष नवंबर में होने वाली थी।
सुनवाई के दौरान, पुलिस ने दोनों आरोपियों की कस्टडी बढ़ाने की मांग की थी। जांच एजेंसियों का कहना है कि जब्त किए गए मोबाइल फोन से कुछ कोडेड चैट मिली हैं, जिनमें उपनाम और इमोजी का उपयोग किया गया है। पुलिस का तर्क था कि इन संदेशों का सही अर्थ समझने और डिजिटल सबूतों की पुष्टि के लिए और पूछताछ आवश्यक है। हालांकि, अदालत ने पुलिस की मांग को अस्वीकार कर दिया और दोनों को 16 जुलाई तक न्यायिक हिरासत में भेज दिया।
हत्या की साजिश का खुलासा
अभियोजन पक्ष ने अदालत को बताया कि जांच के दौरान उस स्थान का पंचनामा किया गया, जहां सिया द्वारा कथित रूप से केतन का पासपोर्ट फेंका गया था। इसके अलावा, उस जगह की भी जांच की गई, जहां हत्या की साजिश रची गई थी। पुलिस ने यह भी बताया कि सिया का एक और मोबाइल फोन बरामद किया गया है, जिसे फोरेंसिक जांच के लिए भेजा गया है। पहले जब्त किए गए मोबाइल की फोरेंसिक रिपोर्ट भी जांच एजेंसियों को मिल चुकी है।
जांच की प्रक्रिया जारी
बचाव पक्ष के वकीलों ने अदालत में दलील दी कि पुलिस आवश्यक इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस पहले ही जब्त कर चुकी है और आरोपी जांच में सहयोग कर रहे हैं। दूसरी ओर, पुणे ग्रामीण पुलिस का कहना है कि मामले में कुछ नए गवाह सामने आए हैं और डिजिटल व फोरेंसिक साक्ष्यों के आधार पर जांच आगे बढ़ाई जा रही है। अधिकारियों का दावा है कि उनके पास हत्या से जुड़े पर्याप्त साक्ष्य हैं और जांच निष्पक्ष तरीके से जारी है।
