पूर्व शूटर जसपाल राणा का निधन, भारतीय शूटिंग में बड़ा नुकसान
जसपाल राणा का निधन
भारत के पूर्व शूटर और प्रसिद्ध कोच जसपाल राणा का शुक्रवार को 49 वर्ष की आयु में निधन हो गया। जसपाल, जो एशियाई खेलों के स्वर्ण पदक विजेता थे, ने ओलंपिक मेडलिस्ट मनु भाकर की सफलता में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
सूत्रों के अनुसार, जसपाल म्यूनिख में आईएसएसएफ वर्ल्ड कप के बाद जर्मनी से लौटते समय अचानक बीमार पड़ गए और उन्हें दिल्ली के एक अस्पताल में भर्ती कराया गया। वह वर्तमान में भारतीय पिस्टल निशानेबाजों के हाई परफॉर्मेंस कोच के रूप में कार्यरत थे। उनकी देखरेख में भारतीय टीम ने इस टूर्नामेंट में दो स्वर्ण और दो रजत पदक जीते।
जसपाल ने अपने करियर में एशियाई खेलों, कॉमनवेल्थ गेम्स और एशियाई चैंपियनशिप में कई पदक जीते और विश्व स्तर पर भारत के एक प्रमुख शूटर के रूप में अपनी पहचान बनाई। उन्होंने चार कॉमनवेल्थ गेम्स (1994, 1998, 2002, और 2006) में भारत का प्रतिनिधित्व किया और कुल 15 पदक जीते, जिनमें 9 स्वर्ण, 4 रजत और 2 कांस्य शामिल हैं। इसके अलावा, उन्होंने एशियन गेम्स में भी 8 पदक जीते।
जसपाल का योगदान केवल एक खिलाड़ी के रूप में ही नहीं, बल्कि एक कोच के रूप में भी महत्वपूर्ण रहा। उन्होंने कई प्रतिभाशाली शूटर तैयार किए, जिन्होंने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भारत का नाम रोशन किया। उन्हें एनआरएआई द्वारा 25 मीटर पिस्टल इवेंट के लिए हाई परफॉर्मेंस कोच नियुक्त किया गया था। जसपाल की देखरेख में मनु भाकर ने पेरिस ओलंपिक में दो स्वर्ण पदक जीते, जिससे वह ऐसा करने वाली पहली भारतीय शूटर बनीं। उन्हें 2020 में द्रोणाचार्य अवॉर्ड से भी सम्मानित किया गया।
भारतीय राष्ट्रीय राइफल संघ (एनआरएआई) के अध्यक्ष कलिकेश नारायण सिंह देव ने जसपाल के निधन पर गहरा दुख व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि यह एक बड़ी क्षति है, क्योंकि वह न केवल एक चैंपियन शूटर थे, बल्कि एक उत्कृष्ट मेंटर भी।
जसपाल राणा का निधन भारतीय शूटिंग के लिए एक बड़ा झटका है। उन्होंने इस खेल को भारत में पहचान दिलाई और युवा पीढ़ी को शूटिंग में करियर बनाने के लिए प्रेरित किया।
