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पूर्वोत्तर भारत में बाढ़ और भूस्खलन से जनजीवन प्रभावित

पूर्वोत्तर भारत में मूसलाधार बारिश ने असम और अरुणाचल प्रदेश में बाढ़ और भूस्खलन की स्थिति पैदा कर दी है। कई क्षेत्रों में सड़क और रेल संपर्क बाधित हो गया है, और पुल बह गए हैं। धेमाजी जिले में रेलवे पुल के क्षतिग्रस्त होने के कारण ट्रेनों का संचालन रोक दिया गया है। केमी नदी में अचानक आए उफान ने भी भारी तबाही मचाई है। प्रशासन ने लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी है, क्योंकि मौसम विभाग ने अगले दिनों में और बारिश की चेतावनी दी है।
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पूर्वोत्तर में मूसलाधार बारिश का कहर


पूर्वोत्तर भारत में लगातार हो रही भारी बारिश ने असम और अरुणाचल प्रदेश के कई क्षेत्रों में जनजीवन को गंभीर रूप से प्रभावित किया है। बाढ़ और भूस्खलन के कारण सड़क और रेल यातायात बाधित हो गया है। कई स्थानों पर पुल बह गए हैं, और लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने का कार्य जारी है।


धेमाजी में रेलवे पुल का नुकसान

असम के धेमाजी जिले में सिमेन नदी पर स्थित रेलवे पुल भारी बारिश और नदी के तेज कटाव के कारण क्षतिग्रस्त हो गया है। पुल के एक पिलर के अस्थिर होने के बाद रेलवे ने अर्चिपथर और सिमेन चापारी स्टेशनों के बीच ट्रेनों का संचालन तुरंत रोक दिया है।


केमी नदी में बाढ़ का अचानक उफान

धेमाजी जिले में केमी नदी में अचानक आए उफान ने भारी तबाही मचाई है। बाढ़ के तेज बहाव में केमी और ओयान को जोड़ने वाला लगभग 300 मीटर लंबा लोहे का पुल बह गया। इसके परिणामस्वरूप केमी-पुराना जेलोम क्षेत्र और जोनाई सदर के बीच सड़क संपर्क पूरी तरह से टूट गया। स्थानीय निवासियों के अनुसार, दोपहर में नदी का जलस्तर अचानक बढ़ा और कुछ ही समय में पुल तेज बहाव में समा गया, जिससे आसपास के गांवों के लोगों की आवाजाही प्रभावित हुई।


भूस्खलन में एक व्यक्ति की जान बची



बाढ़ और भूस्खलन से हुई जनहानि

अरुणाचल प्रदेश के केयी पान्योर जिले में लगातार बारिश के कारण आई बाढ़ ने गंभीर स्थिति उत्पन्न कर दी है। राज्य आपदा प्रबंधन विभाग के अनुसार, अब तक तीन लोगों की जान जा चुकी है, जबकि दो अन्य लापता हैं। एनईईपीको कॉलोनी और आसपास के गांवों में अचानक आई बाढ़ में पांच लोग बह गए थे। पहले दो शव बरामद किए गए थे, जबकि रविवार को तीसरा शव भी मिला।


प्रशासन ने प्रभावित क्षेत्रों में लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी है। मौसम विभाग ने अगले कुछ दिनों में पूर्वोत्तर के कई हिस्सों में भारी बारिश की संभावना जताई है, जिससे बाढ़ और भूस्खलन का खतरा बना हुआ है। यात्रियों को यात्रा से पहले मौसम की जानकारी लेने की सलाह दी गई है।