पेशावर में स्कूल की छत गिरने से 28 की मौत, 21 बच्चे शामिल
पेशावर में बड़ा हादसा
पेशावर: पाकिस्तान के खैबर पख्तूनख्वा प्रांत के पेशावर में एक प्राइवेट स्कूल की पुरानी छत अचानक गिर गई, जिससे 28 लोगों की जान चली गई। मृतकों में 21 स्कूली बच्चे शामिल हैं, जिनकी उम्र 7 से 12 वर्ष के बीच है, और एक महिला शिक्षिका भी हादसे का शिकार हुई हैं। मलबे में कई बच्चे फंस गए, जिससे क्षेत्र में अफरा-तफरी मच गई। सूचना मिलते ही राहत और बचाव दल ने स्थानीय लोगों के साथ मिलकर तेजी से रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू किया और घायलों को अस्पताल पहुंचाया।
मृतकों की संख्या और घायलों की स्थिति
21 छात्रों और शिक्षिका की मौत की पुष्टि, 6 बच्चों की हालत बेहद नाजुक
अंतरराष्ट्रीय समाचार स्रोतों के अनुसार, इस हादसे में 21 छात्रों की मौत की पुष्टि हो चुकी है, जिनमें दो छात्राएं भी शामिल हैं। पेशावर के 'लेडी रीडिंग अस्पताल' के प्रवक्ता आसिम खान ने बताया कि अस्पताल में 30 से अधिक घायलों को लाया गया है, जिनमें से छह बच्चों की स्थिति गंभीर बनी हुई है। डॉक्टरों की एक विशेष टीम इन बच्चों की जान बचाने के लिए प्रयासरत है। वहीं, अन्य मृतकों की पहचान की प्रक्रिया भी जारी है।
प्रधानमंत्री का शोक और जांच के आदेश
प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने जताया शोक, जांच के दिए निर्देश
पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने इस दुखद घटना पर गहरा शोक व्यक्त किया है। प्रधानमंत्री कार्यालय ने पीड़ित परिवारों के प्रति सहानुभूति जताते हुए घायलों को उचित चिकित्सा सुविधाएं प्रदान करने के निर्देश दिए हैं। इसके साथ ही, स्थानीय प्रशासन को स्कूल भवन की स्थिति और हादसे के कारणों की उच्चस्तरीय जांच करने के आदेश भी दिए गए हैं।
निर्माण सामग्री की गुणवत्ता पर सवाल
घटिया निर्माण सामग्री और लापरवाही से बार-बार हो रहे हैं ऐसे हादसे
पाकिस्तान में सुरक्षा मानकों की अनदेखी और घटिया निर्माण सामग्री के उपयोग के कारण इमारतों का गिरना एक गंभीर समस्या बन चुका है। इस साल जून में लाहौर के एक ट्यूशन सेंटर की छत गिरने से एक दर्जन से अधिक बच्चों की जान गई थी। इसी तरह, कराची के लियारी क्षेत्र में एक जर्जर इमारत गिरने से 27 लोगों की मौत हुई थी। पेशावर का यह हालिया हादसा एक बार फिर निजी स्कूलों के बुनियादी ढांचे और प्रशासनिक निगरानी पर गंभीर सवाल खड़े करता है।
