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प्रतापगढ़ में बारिश के दौरान जर्जर मकान गिरने से 6 की मौत, एक युवक बचा

उत्तर प्रदेश के प्रतापगढ़ जिले में एक 100 साल पुराना जर्जर मकान बारिश के कारण ढह गया, जिससे एक ही परिवार के 6 सदस्यों की जान चली गई। इस दर्दनाक घटना में एक युवक को बचा लिया गया है, जो अस्पताल में भर्ती है। हादसे के बाद पूरे क्षेत्र में शोक का माहौल है। जानें इस घटना के बारे में और क्या हुआ।
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प्रतापगढ़ में दर्दनाक हादसा

प्रतापगढ़: उत्तर प्रदेश के प्रतापगढ़ जिले में लगातार हो रही बारिश के कारण एक 100 साल पुराना जर्जर मकान ढह गया, जिससे एक ही परिवार के 6 सदस्यों की जान चली गई। इस घटना में एक सदस्य को बचा लिया गया है, जिसे अस्पताल में भर्ती कराया गया है। पूरे क्षेत्र में इस हादसे के बाद शोक का माहौल है।


पुलिस अधिकारियों के अनुसार, यह घटना प्रतापगढ़ के नगर कोतवाली क्षेत्र के महुली मोहल्ले में रात के समय हुई। बारिश के चलते अचानक यह पुराना मकान गिर गया। हादसे के समय परिवार के सभी सदस्य एक कमरे में सो रहे थे, जिससे वे मलबे में दब गए।


इस दुर्घटना में दो छोटे बच्चों सहित 6 लोगों की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि एक युवक गंभीर रूप से घायल हो गया। उसे इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती किया गया है। घटना की सूचना मिलते ही सीओ सिटी आशुतोष मिश्रा और भारी पुलिस बल मौके पर पहुंचे। पुलिस और राहत-बचाव टीमों ने मलबा हटाकर सभी को बाहर निकाला।


सीओ सिटी ने बताया, "रात करीब 2 बजे कोतवाली पुलिस को सूचना मिली कि महोली इलाके में एक घर की छत गिर गई है, जिससे प्रमोद श्रीवास्तव और उनके परिवार के अन्य सदस्य मलबे के नीचे दब गए हैं। पुलिस और फायर ब्रिगेड की टीमें तुरंत मौके पर पहुंचीं और सभी पीड़ितों को जिला अस्पताल पहुंचाया, जहां उन्हें मृत घोषित कर दिया गया।"


मृतकों की पहचान 60 वर्षीय प्रमोद श्रीवास्तव, उनकी पत्नी रीता (55 वर्ष), बेटा नितिन (25 वर्ष), बहू माधुरी (23 वर्ष), पोता माधव (1 वर्ष) और पोता अद्विक (10 महीने) के रूप में हुई है। घायल युवक की पहचान अमन श्रीवास्तव के रूप में हुई है।


इस घटना में बचे अमन श्रीवास्तव ने कहा, "जब मेरी नींद खुली, तो मुझे एहसास हुआ कि मैं मलबे के नीचे दबा हुआ हूं। किसी तरह मैं बाहर निकला और देखा कि परिवार के सभी सदस्य फंसे हुए थे। मैंने पहले खुद उन्हें बचाने की कोशिश की, लेकिन सफल नहीं हो पाया, इसलिए मदद के लिए चिल्लाने लगा। हम सभी एक ही कमरे में सो रहे थे। मेरे माता-पिता, मेरा छोटा भाई, मेरी पत्नी और हमारे दो छोटे बच्चे अंदर थे। मुझे तो बचा लिया गया, लेकिन वे सभी मारे गए।"