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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी इंटरनेशनल एयरपोर्ट का नामकरण: यूपी सरकार का महत्वपूर्ण निर्णय

उत्तर प्रदेश सरकार ने जेवर एयरपोर्ट का नाम बदलकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी इंटरनेशनल एयरपोर्ट रखने का निर्णय लिया है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने इस फैसले की जानकारी दी और बताया कि यह कदम राज्य के विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। उन्होंने 2017 से पहले की प्रशासनिक चुनौतियों का उल्लेख करते हुए कहा कि अब राज्य में पारदर्शी और तकनीक आधारित शासन लागू किया गया है। इसके साथ ही, एयरपोर्ट और मेट्रो कनेक्टिविटी में सुधार के लिए कई योजनाएं भी चल रही हैं। जानें इस महत्वपूर्ण निर्णय के बारे में और क्या-क्या योजनाएं हैं।
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जेवर एयरपोर्ट का नया नाम

नोएडा स्थित जेवर एयरपोर्ट को अब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी इंटरनेशनल एयरपोर्ट के नाम से जाना जाएगा। यह निर्णय उत्तर प्रदेश सरकार की कैबिनेट द्वारा लिया गया है, जिसकी जानकारी मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने दी। उन्होंने कहा कि डबल इंजन सरकार के सहयोग से उत्तर प्रदेश अभूतपूर्व विकास की दिशा में आगे बढ़ रहा है।


प्रदेश की प्रगति का उल्लेख

मुख्यमंत्री ने बताया कि 2017 से पहले उत्तर प्रदेश प्रशासनिक सुस्ती, असुरक्षा की भावना और बुनियादी सुविधाओं की कमी से जूझ रहा था। प्रधानमंत्री के अनुभव और दूरदर्शिता से प्रेरित होकर, राज्य ने शासन की नई कार्य संस्कृति को अपनाया है।


प्रधानमंत्री का आभार

योगी आदित्यनाथ ने कहा, 'प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन में उत्तर प्रदेश आत्मविश्वास के साथ नई ऊंचाइयों को छू रहा है। राज्य मंत्रिपरिषद प्रधानमंत्री मोदी के प्रति आभार व्यक्त करती है कि उन्होंने राज्य के विकास को अपनी प्राथमिकताओं में रखा है।'


यूपी सरकार के अन्य निर्णय

उत्तर प्रदेश मंत्रिपरिषद ने विकास को प्राथमिकता देने के लिए प्रधानमंत्री मोदी का आभार व्यक्त किया। उन्होंने राजमार्ग, मेट्रो और RRTS से जुड़ी उपलब्धियों का उल्लेख किया। मंत्रिपरिषद ने कहा कि राज्य और केंद्र की 'डबल इंजन' सरकार के सहयोग से उत्तर प्रदेश तेजी से प्रगति कर रहा है।


इंफ्रास्ट्रक्चर में सुधार

मुख्यमंत्री योगी ने कहा कि 2017 से पहले प्रदेश में प्रशासनिक सुस्ती थी और बुनियादी सुविधाओं की कमी थी। अब पारदर्शी और तकनीक आधारित शासन, बेहतर कानून व्यवस्था और आधुनिक इंफ्रास्ट्रक्चर प्रदेश की पहचान बन गए हैं। दिल्ली-सहारनपुर-देहरादून, दिल्ली-मेरठ और कानपुर-लखनऊ एक्सप्रेसवे का निर्माण पूरा हो चुका है।


एयरपोर्ट और मेट्रो कनेक्टिविटी

सीएम योगी ने कहा, 'रेल और मेट्रो के क्षेत्र में 30,000 करोड़ रुपये से अधिक की लागत से बनी दिल्ली-गाजियाबाद-मेरठ 'नमो भारत' ट्रेन (RRTS) का संचालन शुरू हो चुका है। यह देश की पहली उच्च गति वाली रीजनल रैपिड ट्रांजिट सेवा है। लखनऊ, कानपुर, आगरा, मेरठ, गाजियाबाद, नोएडा और ग्रेटर नोएडा में मेट्रो नेटवर्क का विस्तार हुआ है।'


लॉजिस्टिक्स और डिफेंस में प्रगति

दादरी में ईस्टर्न और वेस्टर्न डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर का प्रमुख जंक्शन बना है, जो 1,050 किलोमीटर से अधिक उत्तर प्रदेश से गुजरता है। वाराणसी में भारत का पहला मल्टीमॉडल इनलैंड पोर्ट टर्मिनल स्थापित किया गया है। लखनऊ में ब्रह्मोस मिसाइल असेंबली यूनिट भी स्थापित की गई है।