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प्रधानमंत्री मोदी का 9/11 हमले की 25वीं बरसी पर श्रद्धांजलि

आज 11 सितंबर को 9/11 आतंकी हमलों की 25वीं बरसी है। इस अवसर पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने हमले में मारे गए लोगों को श्रद्धांजलि दी और आतंकवाद के खिलाफ भारत की निरंतर लड़ाई का उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि आतंकवाद ने दुनिया में अनगिनत लोगों की जान ली है और भारत कई दशकों से सीमा पार आतंकवाद का शिकार रहा है। न्यूयॉर्क में विशेष स्मरण कार्यक्रम आयोजित किया जा रहा है, जिसमें पीड़ितों के परिवार के सदस्य मृतकों के नाम पढ़ेंगे। पीएम मोदी का यह संदेश आतंकवाद के खिलाफ सामूहिक प्रयास की आवश्यकता पर जोर देता है।
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9/11 हमले की 25वीं वर्षगांठ


9/11 हमले की 25वीं वर्षगांठ: अमेरिका में हुए 9/11 आतंकी हमलों की आज 25वीं वर्षगांठ है। इस अवसर पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने उन लोगों को श्रद्धांजलि दी जो इस हमले में मारे गए थे और उनके परिवारों के प्रति एकजुटता व्यक्त की। पीएम मोदी ने आतंकवाद के खिलाफ भारत की निरंतर लड़ाई का भी उल्लेख किया। उन्होंने सोशल मीडिया पर 9/11 मेमोरियल एंड म्यूजियम की तस्वीरें साझा करते हुए कहा कि आज हम उन लोगों को याद कर रहे हैं जिन्होंने 25 साल पहले हुए भयावह हमलों में अपनी जान गंवाई। उन्होंने यह भी कहा कि आतंकवाद ने दुनिया के विभिन्न हिस्सों में अनगिनत लोगों की जान ली है और भारत कई दशकों से सीमा पार आतंकवाद का शिकार रहा है। पीएम मोदी ने आतंकवाद के बदलते स्वरूप का उल्लेख करते हुए कहा कि इसके सभी रूपों के खिलाफ भारत का संकल्प और विरोध अडिग है।


9/11 हमले की भयावहता

11 सितंबर 2001 को अमेरिका में हुए आतंकी हमले आधुनिक इतिहास की सबसे भयानक घटनाओं में से एक माने जाते हैं। अल-कायदा से जुड़े 19 आतंकियों ने चार वाणिज्यिक विमानों को हाईजैक किया। दो विमानों को न्यूयॉर्क के वर्ल्ड ट्रेड सेंटर के ट्विन टावरों से टकराया गया, जबकि तीसरा विमान पेंटागन से जा टकराया। चौथा विमान, यूनाइटेड एयरलाइंस फ्लाइट 93, के यात्रियों और क्रू ने आतंकवादियों का प्रतिरोध किया और यह विमान पेंसिल्वेनिया में एक खुले मैदान में दुर्घटनाग्रस्त हो गया। इन हमलों में कुल 2,977 लोगों की जान गई, जिनमें से 2,753 न्यूयॉर्क में, 184 पेंटागन में और 40 फ्लाइट 93 में मारे गए।


पीएम मोदी का संदेश

प्रधानमंत्री मोदी ने अपने संदेश में भारत को आतंकवाद का लंबे समय से शिकार बताते हुए कहा कि देश इस चुनौती के खिलाफ लड़ाई में सबसे आगे रहा है। उन्होंने आतंकवाद को एक वैश्विक समस्या बताते हुए इसके सभी रूपों के खिलाफ सामूहिक प्रयास की आवश्यकता पर जोर दिया। पीएम मोदी का यह संदेश ऐसे समय आया है जब भारत अपनी आतंकवाद-रोधी नीति और अंतरराष्ट्रीय सहयोग पर लगातार जोर देता रहा है। भारत सरकार ने फरवरी 2026 में देश की पहली व्यापक राष्ट्रीय आतंकवाद-रोधी नीति और रणनीति 'प्रहार' भी पेश की थी। गृह मंत्रालय के अनुसार, इसका उद्देश्य आतंकवादी गतिविधियों और कट्टरपंथ की रोकथाम के लिए एक समन्वित ढांचा तैयार करना है।


विशेष स्मरण कार्यक्रम

9/11 की 25वीं बरसी पर न्यूयॉर्क के नेशनल सितंबर 11 मेमोरियल एंड म्यूजियम में विशेष स्मरण कार्यक्रम आयोजित किया जा रहा है। इस कार्यक्रम में पीड़ितों के परिवार के सदस्य मृतकों के नाम पढ़ेंगे। इस साल के समारोह में 2001 के हमलों और 1993 के वर्ल्ड ट्रेड सेंटर बम धमाके में मारे गए लोगों के नाम भी पढ़े जा रहे हैं। इसके अलावा, हमले के महत्वपूर्ण क्षणों को याद करते हुए मौन रखा जा रहा है। 25वीं बरसी का एक बड़ा उद्देश्य उस पीढ़ी तक 9/11 की कहानी और उसके प्रभाव को पहुंचाना है, जो उस दिन के बारे में अपनी प्रत्यक्ष याद नहीं रखती। लगभग 10 करोड़ अमेरिकी ऐसे हैं, जो हमले के समय पैदा नहीं हुए थे या इतने छोटे थे कि उन्हें उस दिन की याद नहीं है।