प्रधानमंत्री मोदी का SRCC में शिक्षक दिवस पर भाषण: विपक्ष पर तंज और भारतीय सेना की ताकत
शिक्षक दिवस पर SRCC में पीएम मोदी का दौरा
5 सितंबर को शिक्षक दिवस के अवसर पर, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने श्रीराम कॉलेज ऑफ कॉमर्स (SRCC) का दौरा किया। यह कार्यक्रम दिल्ली विश्वविद्यालय के इस प्रतिष्ठित कॉलेज के 100 वर्ष पूरे होने के उपलक्ष्य में आयोजित किया गया था। पीएम मोदी ने इससे पहले 2013 में गुजरात के मुख्यमंत्री के रूप में इस कॉलेज का दौरा किया था। इस अवसर पर उन्होंने छात्रों को संबोधित किया और अपने भाषण में विपक्ष पर तीखे कटाक्ष किए।
दिमागी नक्सल और होम्योपैथी का जिक्र
प्रधानमंत्री मोदी ने अपने भाषण में 15 अगस्त को लाल किले से दिए गए दिमागी नक्सल संबंधी बयान का उल्लेख किया। उन्होंने कहा, 'मैंने एक होम्योपैथी डोज की छोटी सी गोली दी थी, जैसे ही मैंने दिमागी नक्सल वाली होम्योपैथिक गोली दी, सारे दिमागी नक्सल बाहर आने लगे।' उन्होंने यह भी बताया कि होम्योपैथी का स्वभाव है कि दवा शुरू होते ही बीमारी पहले उभरकर बाहर आती है।
विपक्ष को नाराज फूफा कहा
पीएम मोदी ने विपक्ष को 'नाराज फूफा' कहकर संबोधित करते हुए कहा कि जब भी कोई नया कार्य शुरू होता है, तो ये लोग सवाल उठाने लगते हैं। उन्होंने उदाहरण देते हुए कहा कि जब भारत ने दुनिया का सबसे बड़ा स्टेच्यू बनाया, तब भी इन्हें इसकी आवश्यकता पर सवाल था। उन्होंने कहा कि भारत ने ऐसे सभी फूफाओं को जवाब दिया है और जो देश के लिए आवश्यक है, उसे करने से कोई नहीं रोक सकता।
भारतीय सेना की ताकत
प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि पहले भारत को कई चुनौतियों का सामना करना पड़ता था, लेकिन अब आतंक फैलाने वाले लोग चुप हो गए हैं। उन्होंने कहा कि अगर पाकिस्तान कोई गलत कदम उठाता है, तो भारतीय सेना उसी की जमीन पर जवाबी कार्रवाई करती है। उन्होंने यह भी बताया कि जम्मू-कश्मीर से लेकर उत्तर-पूर्व तक शांति स्थापित हो चुकी है।
'मेक इन इंडिया' और भविष्य की योजनाएं
पीएम मोदी ने 'मेक इन इंडिया' के संदर्भ में कहा कि 2014 में जो लोग इसका मजाक उड़ाते थे, आज वे देख सकते हैं कि भारत मोबाइल फोन का निर्यात कर रहा है। उन्होंने भारत के स्पेस स्टेशन और भविष्य के ओलंपिक जैसे बड़े लक्ष्यों की ओर बढ़ने की बात की।
SRCC की विरासत
अपने भाषण में, पीएम मोदी ने SRCC की प्रशंसा की और कहा कि इस कॉलेज ने कई पीढ़ियों को संवारा है। यहां से अर्थशास्त्र, कला, राजनीति, कानून और न्यायपालिका के क्षेत्र में कई असाधारण लोग निकले हैं। उन्होंने विशेष रूप से अरुण जेटली और संजीव सान्याल का उल्लेख किया।
